मदर ऑफ ऑल बम' से ईरान को दहलाने की तैयारी में अमेरिका

मदर ऑफ ऑल बम' से ईरान को दहलाने की तैयारी में अमेरिका

अमेरिका और ईरान के बीच गहराते युद्ध के संकट और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पेंटागन से एक बेहद सनसनीखेज खबर निकलकर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों और मीडिया दावों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान के सामरिक ठिकानों, ऊर्जा अवसंरचना और परमाणु स्थलों को निशाना बनाने के लिए अपने अब तक के सबसे विनाशकारी और शक्तिशाली गैर-परमाणु हथियार GBU-43/B यानी 'मदर ऑफ ऑल बम' (MOAB - Massive Ordnance Air Blast) के इस्तेमाल की योजना पर विचार कर रही है। यदि अमेरिका इस रणनीति पर आगे बढ़ता है, तो यह ईरान-अमेरिका संघर्ष में एक अभूतपूर्व और अत्यंत घातक मोड़ साबित होगा। पेंटागन के वरिष्ठ रणनीतिकारों का मानना है कि इस महाविनाशकारी हथियार की तैनाती का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य तंत्र की कमर तोड़ना और उसे घुटने टेकने पर मजबूर करना है।

क्या है GBU-43/B यानी MOAB और यह कैसे मचाता है चारों तरफ तबाही?

GBU-43/B मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (MOAB) अमेरिकी वायु सेना के बेड़े का सबसे विशाल, वजनी और मारक गैर-परमाणु बम है। लगभग 21,600 पाउंड (तकरीबन 9,800 किलोग्राम) वजनी इस महाकाय बम में 18,000 पाउंड से अधिक उच्च क्षमता वाला घातक विस्फोटक भरा होता है। इस बम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जमीन से टकराने से ठीक पहले हवा में ही फटता है। हवा में विस्फोट होने की वजह से इससे पैदा होने वाली एक विनाशकारी शॉकवेव (Shockwave) यानी हवा का भीषण दबाव तरंग कई किलोमीटर के दायरे में आने वाली हर इमारत, सैन्य बेस, वाहन और बंकरों को तिनके की तरह उड़ा देता है। इसमें लगा जीपीएस मार्गदर्शन प्रणाली (GPS Guidance System) इसे बेहद सटीक निशाना साधने में सक्षम बनाता है।

ईरान के खिलाफ MOAB का विचार क्यों कर रहा अमेरिका, क्या होंगे परिणाम?

पेंटागन की रणनीतिक योजनाओं से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ईरान के सतह पर स्थित विशाल ऊर्जा संयंत्रों, नियंत्रण केंद्रों और बड़े सैन्य अड्डों को एक ही झटके में पूरी तरह तबाह करने के लिए MOAB से बेहतर कोई अन्य हथियार नहीं हो सकता। हालांकि, कुछ रक्षा विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि ईरान के कई प्रमुख परमाणु स्थल पहाड़ियों और ग्रेनाइट की गहरी गुफाओं के नीचे स्थित हैं। चूंकि MOAB मुख्य रूप से सतह पर व्यापक तबाही फैलाने वाला हथियार है न कि जमीन के अत्यधिक भीतर घुसकर फटने वाला (Bunker Buster), इसलिए इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से ईरान की सतह पर मौजूद संपत्तियों और कमांड सेंटरों को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है। अमेरिका द्वारा इस बम की संभावित तैनाती की खबर से ही पूरे मिडिल ईस्ट में भारी दहशत और तनाव का माहौल बन गया है।

इतिहास में केवल एक बार हुआ है इस्तेमाल, क्या ईरान में दोहराया जाएगा इतिहास?

अमेरिकी सैन्य इतिहास में इस महाविनाशकारी 'मदर ऑफ ऑल बम' का वास्तविक युद्ध में केवल एक बार ही प्रयोग हुआ है। अप्रैल 2017 में अमेरिका ने अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के गहरी गुफाओं और सुरंगों वाले जटिल ठिकाने को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए MC-130 विमान से MOAB गिराया था। उस हमले में दर्जनों चरमपंथी मारे गए थे और पूरा सुरंग नेटवर्क हमेशा के लिए मलबे में तब्दील हो गया था। अब वर्षों बाद एक बार फिर ईरान के खिलाफ इसके इस्तेमाल की खबरें आने से वैश्विक कूटनीति और रक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

जनरेटिव एआई और वैश्विक कूटनीति: दुनिया भर में परमाणु संकट की आशंका

गूगल और बिंग जैसे आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय 'US Iran MOAB Strike Plan' सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाला विषय बन गया है। सुरक्षा विश्लेषकों की चेतावनी है कि यदि अमेरिका ने इस तरह के अत्यंत आक्रामक हथियार से ईरान पर वार किया, तो इसका परिणाम न केवल मध्य पूर्व में बल्कि पूरी दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध जैसी विभीषिका या भीषण वैश्विक तेल संकट के रूप में देखने को मिल सकता है।