कौन है ओमानी को-पायलट हमाम अलहमामी? जिसने भारतीय कैप्टन पर किया हमला
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के इतिहास में हाल ही में घटी एक अत्यंत खतरनाक और सनसनीखेज घटना ने पूरी दुनिया की एयरलाइंस सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान संख्या FZ1073 के कॉकपिट के भीतर जो खौफनाक मंजर देखने को मिला, उसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इस विमान को दुबई से उड़ान भरकर इजरायल के तेल अवीव शहर पहुंचना था, लेकिन रास्ते में ही एक ऐसा जानलेवा और सुनियोजित खेल खेला गया जिसने विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की जान को खतरे में डाल दिया। इस पूरी घटना के केंद्र में ओमान के नागरिक और इस फ्लाइट के सह-पायलट (Co-Pilot) हमाम अल-हम्मामी (Hamam al-Hammami) का नाम सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया एजेंसियों की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी सह-पायलट का मुख्य उद्देश्य विमान को इजरायल के आसमान में किसी बड़ी आबादी वाले क्षेत्र या लक्षित स्थान पर क्रैश करना था। इस भयावह संकट के बीच विमान की कमान संभाल रहे भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machchhar) ने अपनी जान की परवाह किए बिना जिस अदम्य साहस और बहादुरी का परिचय दिया, उसने एक बड़े राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विमानन हादसे को टाल दिया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद से ही वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों, उड्डयन मंत्रालयों और खुफिया तंत्र के बीच हड़कंप मचा हुआ है कि आखिर किस तरह से एक सुरक्षा जोखिम के रूप में चिह्नित व्यक्ति कमर्शियल विमान के कॉकपिट तक पहुंचने में कामयाब हो गया।
कौन है हमाम अल-हम्मामी? आरोपी ओमानी सह-पायलट की पृष्ठभूमि और पहचान
फ्लाइट के कॉकपिट में खूनखराबा करने वाले आरोपी सह-पायलट की पहचान 29 वर्षीय ओमानी नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स और खुफिया दस्तावेजों के मुताबिक, हमाम अल-हम्मामी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था, जिसके पिता ओमानी नागरिक और माता सीरियाई मूल की थीं। विमानन क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का यह भी दावा है कि आरोपी को पहले भी उसकी संदिग्ध और कट्टरपंथी गतिविधियों तथा विचारों के चलते ओमान एयर द्वारा उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया गया था और उसे एक सुरक्षा जोखिम के रूप में चिह्नित किया गया था। इसके बावजूद, वह फ्लाईदुबई एयरलाइन में सह-पायलट की नौकरी पाने में कैसे सफल रहा, यह अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल बन गया है जिसकी गहन जांच की जा रही है। शुरुआती पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी लंबे समय से गुप्त रूप से चरमपंथी विचारधाराओं के संपर्क में था और उसके सोशल मीडिया गतिविधियों से भी यह संकेत मिलता है कि वह वैश्विक स्तर पर सक्रिय कुछ प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनकी विचारधारा से गहराई से प्रभावित था। इस प्रकार की आपराधिक और खतरनाक पृष्ठभूमि होने के बावजूद एयरलाइन के सुरक्षा और चयन तंत्र द्वारा उसकी सही से मॉनिटरिंग न किया जाना वर्तमान विमानन सुरक्षा की पोल खोलता है।
फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में वह खौफनाक हमला और संघर्ष
यह डरावनी घटना तब घटी जब फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान अपनी निर्धारित यात्रा के अंतिम चरणों में था और तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट की तरफ बढ़ रहा था। उड़ान के करीब ढाई घंटे बीत जाने के बाद, जब विमान आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर था, तभी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने अचानक अपने ही सीनियर और फ्लाइट के कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस अचानक हुए जघन्य हमले में भारतीय कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके शरीर पर कई गहरे घाव हो गए। सह-पायलट का मुख्य मकसद कैप्टन को रास्ते से हटाकर विमान के नियंत्रण को पूरी तरह से अपने कब्जे में लेना था, ताकि वह विमान को नीचे गोता लगाते हुए किसी बड़े क्रैश का शिकार बना सके। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, इस छीनाझपटी और हमले के दौरान विमान ने कुछ ही सेकंड के भीतर हजारों फीट की खतरनाक गिरावट दर्ज की, जिससे विमान में बैठी सवारियों की सांसें थम गईं। विमान के अंदर अफरा-तफरी मच गई और हर तरफ चीख-पुकार गूंज उठी, क्योंकि यात्रियों को यह अहसास हो चुका था कि वे मौत के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की अदम्य वीरता और सूझबूझ से बची 174 जानें
इस अत्यंत गंभीर और जीवन-मरण के संघर्ष के क्षणों में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस मानसिक दृढ़ता और साहस का प्रदर्शन किया, उसकी तारीफ आज पूरी दुनिया कर रही है। गंभीर रूप से जख्मी होने और अत्यधिक रक्तस्राव के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हार नहीं मानी और वे हमलावर सह-पायलट के साथ लगातार जूझते रहे। अपनी आखिरी ताकत जुटाकर उन्होंने किसी तरह से कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे विमान में यात्रा कर रहे अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलट, क्रू मेंबर्स और सतर्क यात्रियों को अंदर आने का मौका मिल गया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने मिलकर संयुक्त रूप से उस हमलावर सह-पायलट को पूरी ताकत से दबोच लिया और उसे जमीन पर पटककर कसकर बांध दिया। यात्रियों और अन्य सहायक पायलटों के त्वरित हस्तक्षेप से विमान का नियंत्रण वापस सुरक्षित हाथों में आ गया। इसके बाद सूझबूझ दिखाते हुए विमान को तुरंत उत्तर पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया, जहाँ इसे बेहद आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया। इस सफल इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सऊदी सुरक्षा बलों ने तुरंत आरोपी सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया।
इजरायल, भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठी प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा समीक्षा
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य शीर्ष वैश्विक नेताओं ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को एक 'सच्चा नायक' करार दिया है और उनकी बहाдуरी को सलाम किया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने इस पूरी घटना को एक स्पष्ट आतंकवादी हमला और विमान को जानबूझकर क्रैश करने का कुत्सित प्रयास बताया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉल के जरिए घायल कैप्टन स्मित मच्छार से बात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनकी इस वीरता पर गर्व व्यक्त किया। वर्तमान में कैप्टन मच्छार का अबू धाबी के अस्पताल में इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। इस घटना के बाद वैश्विक उड्डयन प्राधिकरणों ने कमर्शियल एयरलाइंस के पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण और उनकी पृष्ठभूमि की जांच के नियमों को अत्यधिक सख्त करने का निर्णय लिया है। यह सवाल अब सबसे अहम बन गया है कि कैसे एयरलाइंस कंपनियों को रिक्रूटमेंट के दौरान और अधिक पारदर्शी व मजबूत सुरक्षा सत्यापन प्रक्रिया अपनानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी बड़ी मानवीय त्रासदी को होने से पहले ही रोका जा सके।