कच्चे तेल के उफान के बीच तमिलनाडु और गोवा सरकार का मास्टरस्ट्रोक

कच्चे तेल के उफान के बीच तमिलनाडु और गोवा सरकार का मास्टरस्ट्रोक

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के कारण एयरलाइन उद्योग पर लगातार वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा था। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए तमिलनाडु की राज्य सरकार और गोवा सरकार ने विमानन क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए हवाई ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) में भारी कटौती का बड़ा ऐलान कर दिया है। तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ पर वैट को 29 प्रतिशत से घटाकर 16 प्रतिशत कर दिया है, जबकि राज्य के अन्य क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर इसे घटाकर महज 1 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर गोवा सरकार ने भी बड़ा कदम उठाते हुए अपने राज्य में एटीएफ पर लगने वाले वैट को 15 प्रतिशत से घटाकर सीधे 7 प्रतिशत कर दिया है। दोनों राज्यों के इस समन्वित और जनहितकारी कदम से विमानन कंपनियों की परिचालन लागत में कमी आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक मोर्चे पर कच्चे तेल के दामों में भारी उछाल से बढ़ा एयरलाइंस का संकट

हालिया महीनों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया है। कच्चे तेल के 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से घरेलू स्तर पर हवाई ईंधन की दरें आसमान छूने लगी थीं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) के अनुसार, एयरलाइंस कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी जो पहले 30 से 40 फीसदी के आसपास हुआ करती थी, वह बढ़कर 55 से 60 फीसदी के चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई थी। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई कमजोरी और कई विदेशी हवाई मार्गों के लंबे होने से एयरलाइन ऑपरेटर्स का ओवरहेड खर्च काफी बढ़ गया था। ऐसे में तमिलनाडु और गोवा सरकारों द्वारा वैट घटाने के फैसले को एविएशन सेक्टर के लिए एक जीवन रक्षक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

एयरलाइंस कंपनियों और इंडिगो ने किया स्वागत, उड़ानों के नेटवर्क विस्तार और संचालन को मिलेगी नई रफ्तार

तमिलनाडु की उद्योग मंत्री द्वारा इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक घोषणा किए जाने के तुरंत बाद देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों ने इस निर्णय की पुरजोर सराहना की है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (InterGlobe Aviation) ने सोशल मीडिया पर इस फैसले का आधिकारिक रूप से स्वागत करते हुए कहा कि हवाई ईंधन पर टैक्स कम होने से पूरे एविएशन इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। वैट में राहत मिलने से एयरलाइंस अब घाटे में चल रहे रूट्स पर भी अपनी उड़ानों को सुचारू रूप से जारी रख पाएंगी और तमिलनाडु व गोवा जैसे प्रमुख पर्यटन और व्यापारिक केंद्रों में अपनी कनेक्टिविटी का विस्तार कर सकेंगी। चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, कोयंबटूर, मोपा और डाबोलिम जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर विमानों के ईंधन रीफ्यूलिंग लागत में बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी।

क्या हवाई टिकट के दाम होंगे सस्ते? जानिए पर्यटकों और आम यात्रियों की जेब पर क्या पड़ेगा इसका असर

दक्षिण भारत और तटीय पर्यटन राज्यों में वैट की दरों में कटौती के बाद आम यात्रियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इससे हवाई टिकट की कीमतें तुरंत सस्ती हो जाएंगी। एविएशन सेक्टर के विशेषज्ञों और मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि एटीएफ पर टैक्स कम होने से तुरंत टिकट दरों में सीधी गिरावट भले ही न दिखे, लेकिन यह एयरलाइंस को किराए में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकने में मदद जरूर करेगा। त्योहारों और आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए एयरलाइंस यात्रियों को आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी किराए और विशेष छूट की पेशकश कर सकती हैं। गोवा और तमिलनाडु जैसे लोकप्रिय पर्यटक स्थलों के लिए हवाई संपर्क सुलभ होने से स्थानीय पर्यटन industry, होटल व्यवसाय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा।