सुशांत सिंह राजपूत के पैर टूटे थे, आंखों पर चोट और स्टन गन का हुआ था इस्तेमाल

सुशांत सिंह राजपूत के पैर टूटे थे, आंखों पर चोट और स्टन गन का हुआ था इस्तेमाल

भारतीय सिनेमा जगत के सबसे प्रतिभाशाली और चहेते अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के निधन को भले ही कई साल बीत चुके हैं, लेकिन उनके जाने का गम और उनके रहस्यमयी मौत से जुड़े अनसुलझे सवाल आज भी देश भर के करोड़ों फैंस के दिलों में ताजा हैं। इस बीच अभिनेता की बहन श्वेता सिंह कीर्ति (Shweta Singh Kirti) ने एक ऐसा बेहद सनसनीखेज, चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला दावा किया है, जिसने एक बार फिर बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में खलबली मचा दी है। श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में एक इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया है कि सुशांत के अंतिम समय में उनके साथ भारी हिंसा की गई थी। उन्होंने उस पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति (Autopsy Staff) के हवाले से यह बात कही है कि अभिनेता के दोनों पैर टूटे हुए थे, उनकी आंखों पर गंभीर चोट के निशान थे और उनके शरीर पर 'स्टन गन' (Stun Gun) जैसी किसी खतरनाक इलेक्ट्रिक डिवाइस का इस्तेमाल किए जाने के स्पष्ट प्रमाण मिले थे। इस बड़े खुलासे के बाद से सोशल मीडिया पर न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है और लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिरकार उस रात सुशांत के साथ असल में क्या हुआ था। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि श्वेता सिंह कीर्ति द्वारा किए गए इस नए दावे के बाद मामले में क्या-क्या नए मोड़ सामने आ रहे हैं।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला: क्यों आज भी अनसुलझे हैं वे रहस्य?

जून 2020 में जब मुंबई के बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट में सुशांत सिंह राजपूत का शव मिला था, तब पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। शुरुआती दौर में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या (Suicide) करार दिया था, लेकिन उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर में फैले करोड़ों फैंस ने इस थ्योरी को कभी स्वीकार नहीं किया। फैंस का यह मानना था कि सुशांत जैसे जिंदादिल और हंसमुख अभिनेता की मौत के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए देश की सर्वोच्च जांच एजेंसियों जैसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने इस केस की अपने स्तर पर गहन छानबीन शुरू की थी। हालांकि, इतने लंबे समय तक चली जांच के बाद भी अभी तक कोई ऐसा ठोस और निर्णायक निष्कर्ष सामने नहीं आ सका है जिसे अंतिम सच माना जा सके। इसी बीच परिवार की तरफ से लगातार मिल रहे नए बयानों और साक्ष्यों के संकेतों ने इस पूरे मामले को एक बार फिर से जीवित कर दिया है, जिससे सुशांत के चाहने वालों में न्याय की उम्मीद एक बार फिर जाग उठी है।

श्वेता सिंह कीर्ति का बड़ा खुलासा: "पोस्टमार्टम करने वाले ने बताए थे शरीर पर चोट के भयानक निशान"

दिवंगत अभिनेता की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में मीडिया के सामने उस व्यक्ति का जिक्र किया जिसने सुशांत के निधन के बाद उनका पोस्टमार्टम करने वाली टीम के साथ काम किया था या प्रत्यक्ष रूप से शव को देखा था। श्वेता का दावा है कि उस सूत्र ने उन्हें यह बताया था कि सुशांत के शरीर की स्थिति सामान्य आत्महत्या करने वाले व्यक्ति जैसी बिल्कुल नहीं थी। उनके दोनों पैर बुरी तरह टूटे हुए थे, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मौत से पहले उनके साथ हाथापाई या संघर्ष हुआ होगा। इसके अलावा उनकी आंखों पर भी गहरी चोट के निशान थे और शरीर पर ऐसे निशान थे जो किसी 'स्टन गन' (Stun Gun) के इस्तेमाल से बन सकते हैं। स्टन गन एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक हथियार होता है जिसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को करंट के झटके देकर तुरंत अचेत या बेहोश करने के लिए किया जाता है। यदि यह दावा सच साबित होता है, तो यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत होगा कि सुशांत की मौत कोई साधारण आत्महत्या नहीं बल्कि एक सुनियोजित और बेहद दर्दनाक वारदात थी, जिसे पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया था।

देश भर के फैंस और सोशल मीडिया पर फिर से उठी सीबीआई जांच की सुस्त रफ्तार पर सवाल

श्वेता सिंह कीर्ति के इस सनसनीखेज खुलासे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'Justice for Sushant Singh Rajput' एक बार फिर से ट्रेंड करने लगा है। देश के कोने-कोने से उनके फैंस केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य जिम्मेदार एजेंसियों से यह पुरजोर मांग कर रहे हैं कि वे इस नए दावे को अपनी जांच में शामिल करें और उस पोस्टमार्टम स्टाफ से पूछताछ करें ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। लोगों का यह कहना है कि यदि इतने बड़े और गंभीर तथ्य सामने आ रहे हैं, तो एजेंसियों को बिना किसी देरी के अपनी क्लोजर रिपोर्ट के बजाय इस एंगल पर भी गहराई से तहकीकात करनी चाहिए। सुशांत के फैंस का मानना है कि जब तक देश के इस लोकप्रिय बेटे को पूरी तरह से न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष और आवाज इसी तरह बुलंद रहेगी। बॉलीवुड की कार्यप्रणाली और बड़े प्रोडक्शन हाउस के दबाव पर भी एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं कि क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के लिए सच को छुपाने की कोशिश की गई थी।

न्याय की लंबी लड़ाई और सुशांत सिंह राजपूत की अमर यादें

सुशांत सिंह राजपूत सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि वे विज्ञान, खगोल शास्त्र, किताबें पढ़ने और अपनी मेहनत के दम पर फर्श से अर्श तक पहुंचने वाले एक प्रेरणादायक इंसान थे। उनके द्वारा छोड़ी गई फिल्में और उनकी सादगी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति जिस प्रकार लगातार अपने भाई के लिए न्याय की इस लंबी और कठिन लड़ाई को लड़ रही हैं, वह हर भाई-बहन के रिश्ते की एक मिसाल बन चुका है। हालांकि यह कानूनी लड़ाई बेहद जटिल और लंबी साबित हो रही है, लेकिन परिवार और फैंस की यह अटूट जिद इस बात का प्रमाण है कि सच्चाई चाहे कितनी भी छुप जाए, वह एक दिन बाहर जरूर आती है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या श्वेता सिंह कीर्ति के इन नए और गंभीर दावों के बाद जांच एजेंसियां एक बार फिर से इस केस की फाइलों को खोलती हैं या नहीं, लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि सुशांत सिंह राजपूत करोड़ों दिलों में आज भी अमर हैं और उनके फैंस उन्हें कभी नहीं भूलेंगे।