सुबह उठके पहले पैर अपना छूता हूं...जैकी श्रॉफ ने फिटनेस और लंबी उम्र का खोला ऐसा राज
बॉलीवुड के सबसे चहेते, सदाबहार और अपने अनूठे तथा बिंदास अंदाज के लिए पूरी दुनिया में 'जैकी दादा' (Jackie Shroff) के नाम से मशहूर अभिनेता जैकी श्रॉफ न केवल अपनी बेहतरीन फिल्मों और दमदार अदायगी के लिए जाने जाते हैं, बल्कि वे अपनी फिटनेस, सादगी और जीवन को जीने के बेमिसाल तरीके के लिए भी युवाओं के बीच हमेशा एक बड़ी प्रेरणा रहे हैं। आज के इस आधुनिक और भागदौड़ भरे दौर में जहां हर दूसरा इंसान अपनी खराब जीवनशैली, जिम के महंगे वर्कआउट और मानसिक तनाव के कारण कम उम्र में ही बीमारियों की चपेट में आ रहा है, वहीं 60 साल की उम्र पार कर चुके जैकी श्रॉफ की ऊर्जा और तंदुरुस्ती को देखकर हर कोई यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि आखिर उनकी इस फिटनेस का असली और जादुई राज क्या है। हाल ही में जैकी दादा ने अपने स्वास्थ्य और दिनचर्या से जुड़ा एक ऐसा ही बेहद अनूठा और दिलचस्प खुलासा किया है, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में उसे अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जैकी दादा का यह मानना है कि सेहतमंद रहने के लिए किसी हाई-फाई जिम या महंगे सप्लीमेंट्स की नहीं, बल्कि अपनी जमीन से जुड़े रहने और शरीर की छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि जैकी दादा के वे कौन से अनमोल हेल्थ कोट्स और फिटनेस फॉर्मूले हैं जो आपको हमेशा स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं।
'सुबह उठके पहले पैर अपना छूता हूं...': जैकी दादा की जिंदगी का वह अनूठा नियम जो बदल देगा आपका दिन
हाल ही में अपने एक इंटरव्यू और बातचीत के दौरान जब जैकी श्रॉफ से उनकी फिटनेस और लंबी उम्र का रहस्य पूछा गया, तो उन्होंने अपने ही खास और ठेठ देसी अंदाज में एक बहुत ही गहरी और प्रेरणादायक बात कही, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। जैकी दादा ने हंसते हुए बताया, 'सुबह उठके पहले पैर अपना छूता हूं, पैर अपना पड़ने का तो मालूम पड़ता है... यानी सुबह बिस्तर से उठते ही मैं सबसे पहले अपने शरीर की सुस्ती को भगाने और अपनी मांसपेशियों को सक्रिय करने के लिए झुककर अपने पैरों को छूता हूं और यह महसूस करता हूं कि मेरा शरीर आज कितना एक्टिव है।' उनकी इस एक लाइन में आयुर्वेद और योग विज्ञान का एक बहुत बड़ा संदेश छिपा है, क्योंकि सुबह उठते ही शरीर को थोड़ा सा खींचना (Stretching) और जमीन पर पैर रखते ही अपनी शारीरिक स्थिति का जायजा लेना हमारे ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी इस बात को मानता है कि सुबह की हल्की स्ट्रेचिंग हमारी रीढ़ की हड्डी और जोड़ों के दर्द को दूर करने में एक रामबाण उपाय की तरह काम करती है, जिसे जैकी दादा अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में पिछले कई दशकों से पूरी शिद्दत के साथ फॉलो करते आ रहे हैं।
जमीन से जुड़े रहना और प्राकृतिक खान-पान: क्यों आज के दौर में जरूरी है पुरानी जीवनशैली?
जैकी श्रॉफ केवल अपने बयानों से ही नहीं, बल्कि अपने रहन-सहन और खान-पान से भी यह साबित करते हैं कि एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रकृति के करीब रहना सबसे ज्यादा जरूरी है। वे अक्सर अपने फार्महाउस पर पौधे लगाते हुए, जैविक खेती करते हुए और पेड़-पौधों के बीच समय बिताते हुए नजर आते हैं, जो मानसिक तनाव को कम करने का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक तरीका है। आज के समय में लोग जंक फूड, पैक्ड फूड और अत्यधिक केमिकल्स वाले प्रोडक्ट्स का सेवन करके अपने पाचन तंत्र को अंदर से खोखला कर रहे हैं, जबकि जैकी दादा हमेशा से सादा, घर का बना हुआ और ताजा खाना खाने पर जोर देते हैं। आयुर्वेद के जानकारों का भी यही कहना है कि जब हम प्रकृति के चक्र के अनुसार सोते हैं, उठते हैं और भोजन करते हैं, तो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) अपने आप मजबूत हो जाती है। मानसिक शांति और शारीरिक मजबूती का यह तालमेल ही जैकी दादा की उस फिटनेस का असली आधार है जिसे आज की युवा पीढ़ी को अपनी जीवनशैली में निश्चित रूप से शामिल करना चाहिए।
मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच: सेहतमंद रहने के लिए हंसी और सादगी है सबसे बड़ा हथियार
Physical Fitness के साथ-साथ Mental Health का मजबूत होना भी उतना ही आवश्यक है, और जैकी श्रॉफ इस बात के सबसे बड़े जीवंत उदाहरण हैं कि इंसान चाहे किसी भी उम्र में हो, अगर उसका दिल बच्चा है और वह हर परिस्थिति में खुश रहना जानता है, तो कोई भी बीमारी उसे छू नहीं सकती। वे अपनी हर बातचीत में लोगों को प्यार बांटने, छोटों का सम्मान करने और जीवन की छोटी-छोटी असफलताओं से न घबराने की सलाह देते हैं। जब हम मानसिक रूप से तनावमुक्त रहते हैं, तो हमारे मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो हमारे दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखते हैं। जैकी दादा का यह बेबाक अंदाज और उनका यह दर्शन हमें यह सिखाता है कि जीवन में दिखावे की जिंदगी जीने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने भीतर की ऊर्जा को सकारात्मक रखें और हर सुबह एक नई उमंग के साथ अपनी शुरुआत करें। यदि आप भी जैकी दादा की तरह एक लंबी, स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी जीना चाहते हैं, तो उनकी इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद असरदार बातों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा जरूर बनाएं।