अजीत डोभाल की कनाडाई अधिकारी के साथ दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग

अजीत डोभाल की कनाडाई अधिकारी के साथ दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और कूटनीतिक गलियारों में इन दिनों भारत और कनाडा के रिश्तों को लेकर एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान दोनों देशों के बीच उपजे कड़वाहट भरे रिश्तों के बाद अब बर्फ पिघलती हुई नजर आ रही है। भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने नई दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में एक उच्च स्तरीय कनाडाई अधिकारी के साथ गुप्त और बेहद अहम बैठक की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित कनाडा दौरे से ठीक पहले हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात को कूटनीतिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, खुफिया जानकारियों के आदान-प्रदान और आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आपसी समझ को फिर से पटरी पर लाना था। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और कूटनीतिक परिपक्वता के बीच इस मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि भारत अपने पड़ोसी और पश्चिमी साझेदारों के साथ बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रखता है, बशर्ते आपसी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों का पूरा सम्मान किया जाए।

भारत-कनाडा रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के संकेत और नई कूटनीतिक पहल

भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंध पिछले कुछ समय से अत्यधिक तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे थे, जिसके कारण दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद लगभग ठप हो चुका था। ऐसे संवेदनशील माहौल में कनाडाई प्रतिनिधि का विशेष रूप से दिल्ली आकर देश के सबसे ताकतवर सुरक्षा रणनीतिकार NSA अजीत डोभाल से मुलाकात करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दोनों देश अब पुरानी कड़वाहट को पीछे छोड़कर कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक की रूपरेखा पर्दे के पीछे कई हफ्तों की अनौपचारिक बातचीत के बाद तैयार की गई थी। कनाडा की तरफ से यह महसूस किया जाने लगा है कि भारत जैसे विशाल और आर्थिक रूप से तेजी से उभरते हुए देश के साथ असहयोग की स्थिति बनाए रखना उनके अपने सामरिक और आर्थिक हितों के लिए फायदेमंद नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी की आगामी यात्रा से पहले इस तरह की उच्च स्तरीय बैठकों का होना दोनों देशों के प्रशासनिक तंत्र के बीच भरोसे को फिर से बहाल करने की दिशा में पहला और सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

पीएम मोदी के संभावित कनाडा दौरे से पहले रणनीतिक प्राथमिकताओं पर चर्चा

इस गुप्त और बेहद महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई संवेदनशील और दूरगामी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सबसे बड़ा फोकस इस बात पर था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित कनाडा दौरे के दौरान कौन-कौन से रणनीतिक और आर्थिक समझौतों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके अलावा, भारत की सुरक्षा चिंताओं, विशेष रूप से कनाडा की धरती से संचालित होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों और खालिस्तानी चरमपंथ को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बेहद कड़े और दो टूक शब्दों में भारत का पक्ष रखा। भारतीय पक्ष की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि भारत आतंकवाद और अलगाववाद के मुद्दे पर किसी भी प्रकार के दोहरे मापदंड को बर्दाश्त नहीं करेगा। कनाडाई अधिकारी ने इस सुरक्षा बैठक में भारत की चिंताओं को गंभीरता से सुना और भविष्य में खुफिया एजेंसियों के बीच और अधिक समन्वय तथा पारदर्शिता के साथ काम करने का भरोसा दिलाया है। यह कूटनीतिक संवाद इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी शर्तों पर और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ही किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते के लिए आगे बढ़ता है।

द्विपक्षीय व्यापार, सुरक्षा सहयोग और भविष्य की भू-राजनीतिक दिशा

भारत और कनाडा के रिश्ते केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसके दोनों देशों के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने पर भी गहरे प्रभाव पड़ते हैं। कनाडा में रहने वाला बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय और दोनों देशों के बीच का मजबूत व्यापारिक नेटवर्क इस बात की मांग करता है कि कूटनीतिक तनाव को जल्द से जल्द संवाद के जरिए समाप्त किया जाए। NSA अजीत डोभाल और कनाडाई अधिकारी के बीच हुई इस बैठक के बाद यह उम्मीद बंधने लगी है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच उच्चायुक्तों और राजनयिकों की नियुक्तियों तथा वीजा सेवाओं से जुड़े गतिरोधों को भी आसानी से सुलझा लिया जाएगा। वैश्विक भू-राजनीति के वर्तमान परिदृश्य में भारत अब दुनिया की हर बड़ी ताकत के साथ बराबरी की कूटनीति खेल रहा है, जहां वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करता। प्रधानमंत्री मोदी के संभावित दौरे से पहले हुई यह कूटनीतिक बैठक आने वाले समय में भारत-कनाडा संबंधों के एक नए और सकारात्मक अध्याय की नींव साबित हो सकती है, जिस पर पूरी दुनिया की पैनी नजर टिकी हुई है।