कौन हैं तन्मय बलोदा? जिन्होंने एक ही मैच में ऑस्ट्रेलिया को अकेले दम पर किया ढेर
कौन हैं तन्मय बलोदा? जिन्होंने एक ही मैच में 14 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को अकेले दम पर किया ढेर, भारतीय क्रिकेट जगत में मचा तहलका
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी कसी हुई गेंदबाजी और कहर बरपाने वाले स्पेल की बात होगी, तो उसमें हरियाणा के युवा और उभरते हुए बाएं हाथ के स्पिनर तन्मय बलोदा (Tanmay Baloda) का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक यूथ टेस्ट मुकाबले में भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमें आमने-सामने थीं, जहां कंगारू बल्लेबाजों के लिए क्रीज पर टिकना किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ। भारत के इस युवा फिरकी जादूगर ने अपनी घूमती गेंदों के जाल में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को ऐसा उलझाया कि मेहमान टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। तन्मय बलोदा ने इस ऐतिहासिक मैच की दोनों पारियों में कुल मिलाकर 14 विकेट झटककर ऐसा करिश्मा कर दिखाया, जिसकी गूंज इस वक्त पूरी क्रिकेट दुनिया में सुनाई दे रही है। उनकी इस कातिलाना गेंदबाजी के दम पर भारतीय अंडर-19 टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 10 विकेट से करारी शिकस्त देकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा लिया है। आइए इस विशेष रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि कौन हैं यह घातक गेंदबाज तन्मय बलोदा और कैसे उन्होंने अपने इस जादुई प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है।
पहली पारी में 6 और दूसरी पारी में झटके 8 विकेट, कंगारुओं की उड़ गई नींद
अहमदाबाद में खेले गए इस दूसरे यूथ टेस्ट मैच के दौरान तन्मय बलोदा ने अपनी गेंदबाजी का ऐसा तांडव मचाया कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उनके आगे पूरी तरह लाचार नजर आए। मैच की पहली पारी में जब कंगारू टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो तन्मय ने अपनी फिरकी का जादू दिखाते हुए 25 ओवरों में मात्र 32 रन खर्च करके 6 महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद जब ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में संभलकर खेलने की कोशिश की, तो तन्मय ने और भी अधिक आक्रामक रुख अपनाते हुए 19.5 ओवरों में सिर्फ 41 रन देकर 8 शानदार विकेट अपने नाम कर लिए। इस तरह से इस युवा बाएं हाथ के स्पिनर ने मैच में कुल 14 विकेट चटकाकर यह साबित कर दिया कि भारतीय पिचों पर स्पिन गेंदबाजी का मुकाबला करना विदेशी बल्लेबाजों के लिए कितना कठिन होता है। उनकी इस घातक गेंदबाजी के आगे पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में महज 151 रन पर ढेर हो गई और भारत के सामने जीत के लिए बेहद मामूली सा लक्ष्य आया, जिसे टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए आसानी से हासिल कर लिया।
घरेलू क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी से चमक रहा है तन्मय का सितारा
मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले 18 वर्षीय तन्मय बलोदा (Tanmay Baloda) धीमे बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स (Slow Left-arm Orthodox) गेंदबाज हैं। घरेलू क्रिकेट सर्किट और रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर ही उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे अत्यधिक सटीकता (Accuracy) के साथ टप्पा खिलाते हैं और बल्लेबाज को क्रीज पर जरा भी मौका नहीं देते। घरेलू सत्र में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद जब उन्हें इंडिया अंडर-19 टीम में शामिल किया गया, तो उन्होंने अपने चयन को पूरी तरह से सही साबित कर दिखाया। जिस तरह से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत मानी जाने वाली टीम के खिलाफ विदेशी और घरेलू पिचों की परिस्थितियों को भांपते हुए गेंदबाजी की, उससे यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले समय में यह युवा खिलाड़ी टीम इंडिया का एक बहुत बड़ा मैच विनर बनकर उभर सकता है।
टीम इंडिया में चयन और भविष्य की उम्मीदें
क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि तन्मय बलोदा जैसी प्रतिभाएं ही भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ को सबसे ज्यादा मजबूत बनाती हैं। सीनियर टीम में जगह बनाने के लिए जिस अनुशासन और प्रतिभा की आवश्यकता होती है, उसकी झलक तन्मय के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में साफ देखने को मिली है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस सीरीज क्लीन स्वीप (2-0) में इस युवा गेंदबाज की भूमिका सबसे अहम रही है। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तन्मय अपनी इस लय और फिटनेस को लगातार बरकरार रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब वे घरेलू क्रिकेट से होते हुए सीधे सीनियर राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे। 14 विकेटों का यह रिकॉर्ड उनके करियर का एक ऐसा मील का पत्थर बन चुका है, जो आने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा।