मैं 'असलहा' लेकर बूथ कैप्चरिंग कराने गया था, BJP ने पूर्व कांग्रेसी नेता पर लगाया आरोप
भारतीय राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक ऐसा धमाकेदार और वीडियो सामने आया है, जिसने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस पार्टी के एक कद्दावर पूर्व नेता का कथित तौर पर खुद उनकी जुबानी कबूलनामा वाला एक वीडियो सार्वजनिक किया है। इस वायरल वीडियो में वह पूर्व कांग्रेसी नेता बेबाकी से यह स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि वे अपने राजनीतिक दिनों में चुनाव के दौरान 'असलहा' (हथियार) लेकर खुलेआम बूथ कैप्चरिंग कराने जाया करते थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद से सत्तारूढ़ पार्टी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल ने हमेशा से लोकतंत्र के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाई हैं और चुनाव जीतने के लिए बाहुबल व हिंसा का खुलकर इस्तेमाल किया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से दोनों दलों के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है और राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी माहौल का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट मान रहे हैं।
वीडियो में पूर्व कांग्रेसी नेता के सनसनीखेज खुलासे से चुनाव आयोग और राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप
भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी किए गए इस वीडियो ने निर्वाचन आयोग से लेकर आम जनता के बीच भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। वीडियो में पूर्व कांग्रेसी नेता न सिर्फ अपनी पिछली राजनीतिक कारगुजारियों का पर्दाफाश कर रहे हैं, बल्कि वे यह भी बता रहे हैं कि किस प्रकार उस दौर में चुनावी मैदान में धांधली करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की शह पर हथियारों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता था। भाजपा के प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस वीडियो को दिखाते हुए कांग्रेस पार्टी से तीखे सवाल पूछे हैं कि क्या यही उनकी पार्टी का असली लोकतंत्र है, जिसके दम पर वे दशकों तक देश की सत्ता पर काबिज रहे। इस खुलासे के बाद विपक्षी खेमे में भी खलबली मच गई है, क्योंकि इस तरह के बयानों से चुनाव के समय जनता के बीच पार्टी की छवि को बहुत बड़ा धक्का लग सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस वीडियो के बाहर आने के बाद से चुनाव सुधार और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दों पर एक बार फिर से देश भर में बहस छिड़ गई है।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच छिड़ा आर-पार का संग्राम, एक-दूसरे पर लगाए जा रहे गंभीर आरोप
इस बड़े खुलासे के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने भाजपा के इन तमाम आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश और 'डीपफेक' या तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया प्रोपेगैंडा करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आगामी चुनावों में अपनी आसन्न हार को देखकर सत्ताधारी पार्टी अब इस तरह के हथकंडे अपना रही है और पुराने बयानों को संदर्भ से हटकर पेश कर रही है। हालांकि, भाजपा इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है और उनका कहना है कि यह वीडियो किसी एडिटेड क्लिप का हिस्सा नहीं बल्कि खुद उस नेता के मुंह से निकला सच है जो कांग्रेस के भीतर की संस्कृति को बेनकाब करता है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, इस प्रकार के वीडियो और वार-पलटवार के दौर ने चुनावी तापमान को काफी बढ़ा दिया है, और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या निर्वाचन आयोग इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कोई कड़ी जांच बिठाता है या नहीं।