धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का रहस्य और नियम': क्यों है इस दिन झाड़ू खरीदना इतना शुभ
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस का पावन पर्व हिंदू धर्म में बहुत ही खास और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा का विधान है। धनतेरस के दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहन जैसी कीमती चीजें खरीदते हैं, लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी चीज है जिसके बिना धनतेरस की खरीदारी अधूरी मानी जाती है और वह है 'झाड़ू'। क्या आपने कभी सोचा है कि हर साल धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने की इतनी प्राचीन और मजबूत परंपरा क्यों चली आ रही है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को केवल सफाई करने का साधन नहीं बल्कि मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यदि आप भी इस धनतेरस अपने घर में सुख, शांति और स्थाई समृद्धि चाहते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदी जाती है और इसे घर लाने के बाद कौन से विशेष नियम अपनाने चाहिए।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की पौराणिक और धार्मिक मान्यता: क्यों इसे माना जाता है मां लक्ष्मी का रूप?
सनातन संस्कृति और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को बहुत पवित्र स्थान दिया गया है। झाड़ू के संबंध में यह मान्यता है कि यह घर की गंदगी के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy), दरिद्रता और आलस्य को बाहर निकालती है। जिस घर में साफ-सफाई और स्वच्छता रहती है, वहीं पर मां लक्ष्मी का वास होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, ठीक उसी समय मां लक्ष्मी भी अवतरित हुई थीं। मां लक्ष्मी को स्वच्छता अत्यधिक प्रिय है, इसलिए धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदकर घर में लाने से घर की दरिद्रता का नाश होता है और धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है। यही कारण है कि इस दिन हर वर्ग के लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार एक नई झाड़ू जरूर खरीदते हैं।
झाड़ू घर लाने के बाद क्या करें और क्या न करें? जानिए बरकत बनाए रखने के अचूक वास्तु नियम
बाजार से धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदकर घर लाने के बाद कुछ विशेष नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है, अन्यथा पूजा और खरीदारी का पूरा फल नहीं मिलता है:
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सफेद धागा बांधें: नई झाड़ू घर लाने के बाद उसकी पूजा करने से पहले उसके निचले हिस्से में एक सफेद रंग का रेशमी या सूती धागा बांध देना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है और घर में बरकत आती है।
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गुप्त जगह पर रखें: झाड़ू को कभी भी खुले में या मुख्य दरवाजे के सामने नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा घर के किसी कोने में लिटाकर ऐसी जगह रखें जहाँ बाहरी लोगों की नजर आसानी से न पड़े।
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झाड़ू का अपमान न करें: झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास माना जाता है, इसलिए कभी भी झाड़ू को पैर न लगाएं और न ही इसके ऊपर से लांघें। यदि ऐसा अनजाने में भी हो जाए, तो हाथ जोड़कर माफी मांग लेनी चाहिए।
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तिजोरी की तरह रखें संभाल कर: कभी भी झाड़ू को खड़ी अवस्था में न रखें, हमेशा जमीन पर लिटाकर ही रखना चाहिए। सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।
किस धातु या किस चीज की झाड़ू खरीदना है सबसे शुभ? इन बातों का रखें विशेष ध्यान
आजकल बाजार में प्लास्टिक और सिंथेटिक फिलामेंट वाली फैंसी झाड़ू भी बिकने लगी हैं, लेकिन धार्मिक और वास्तु दृष्टिकोण से धनतेरस के दिन हमेशा सींक वाली झाड़ू या फूल झाड़ू ही खरीदनी चाहिए। अगर संभव हो तो प्राकृतिक घास या सींक से बनी झाड़ू ही घर लाएं। इसके अलावा, कभी भी टूटी-फूटी या पुरानी झाड़ू का इस्तेमाल घर में नहीं करना चाहिए। दीपावली या धनतेरस के दिन पुरानी झाड़ू को घर से बाहर निकाल देना चाहिए और उसकी जगह नई झाड़ू का उपयोग शुरू करना चाहिए। इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर आप अपने जीवन में आर्थिक तंगी को दूर कर सकते हैं और पूरे साल अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।