उत्तराखंड स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा ऐलान
देवभूमि उत्तराखंड के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित भव्य और ऐतिहासिक मुख्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा और दूरगामी संदेश देने वाला बयान दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान दो टूक शब्दों में ऐलान किया है कि देश के पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता - UCC) को लागू करने वाले अग्रणी राज्य उत्तराखंड के नक्शेकदम पर चलते हुए अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित सभी राज्यों में यूसीसी को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अमित शाह के इस बड़े बयान ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर समान नागरिक संहिता को लेकर चल रही बहसों को और अधिक तेज कर दिया है। उत्तराखंड स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य की जनता को विकास की कई सौगातें दीं, लेकिन अमित शाह द्वारा यूसीसी को पूरे देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों तक विस्तार देने की घोषणा ने इस पूरे कार्यक्रम को राष्ट्रीय सुर्खियों के केंद्र में ला दिया है।
उत्तराखंड ने दिखाई देश को नई राह, यूसीसी लागू कर रचा गया इतिहास
अपने ओजस्वी भाषण के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पूरी सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस वादे के साथ बीजेपी ने उत्तराखंड की जनता से वोट मांगे थे, उसे धरातल पर उतारकर राज्य सरकार ने देश के सामने एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। देश की आजादी के बाद से ही पूरे देश में एक समान कानून व्यवस्था और सभी नागरिकों के लिए एक जैसे नागरिक अधिकारों की मांग उठती रही है, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। उत्तराखंड सरकार ने तमाम विरोधों और चुनौतियों का डटकर सामना करते हुए यूसीसी का विधेयक पास किया और इसे सफलतापूपर्वक लागू करके यह साबित कर दिया कि यदि नीयत साफ हो, तो कठिन से कठिन फैसले भी आसानी से लिए जा सकते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि आज पूरा देश उत्तराखंड के इस साहसिक कदम की सराहना कर रहा है और अब अन्य राज्यों की निगाहें भी इसी कानून पर टिकी हुई हैं।
भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी जल्द शुरू होगी प्रक्रिया, प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर चल रही है तैयारी
उत्तराखंड स्थापना दिवस के मंच से अमित शाह ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड का यह मॉडल अब केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी इसे कानूनी जामा पहनाने की तैयारी शुरू कर चुकी है। जिन-जिन राज्यों में भाजपा या एनडीए गठबंधन की सरकारें हैं, वहां के मुख्यमंत्रियों और विधि विशेषज्ञों को उत्तराखंड के यूसीसी ड्राफ्ट का अध्ययन करने के लिए कहा गया है। स्थानीय संस्कृति, भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्रीय परंपराओं को ध्यान में रखते हुए हर राज्य अपने यहां समान नागरिक संहिता के प्रारूप को तैयार करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में देश के कई अन्य राज्य विधानसभा चुनावों से पहले या अपने कार्यकाल के दौरान इस दिशा में बड़े विधाई कदम उठा सकते हैं। इस घोषणा के बाद से विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक सियासी पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।
देवभूमि के विकास और सुरक्षा पर भी रहा जोर, प्रधानमंत्री मोदी के विजन की हुई सराहना
उत्तराखंड स्थापना दिवस समारोह में केवल राजनीतिक घोषणाएं ही नहीं हुईं, बल्कि राज्य के चहुंमुखी विकास, सीमावर्ती गांवों (वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम) के सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को देश का सबसे उन्नत और समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चार धाम महापरियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। कार्यक्रम के अंत में सुरक्षा बलों और राज्य के वीर सपूतों को नमन करते हुए अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि राष्ट्रभक्ति और शौर्य की प्रतीक है और देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा में यहां के युवाओं का योगदान अतुलनीय है। यूसीसी के राष्ट्रव्यापी विस्तार के इस संकल्प के साथ उत्तराखंड स्थापना दिवस का यह समारोह भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।