भारतीय गेंदबाजों का फिर चला जलवा': नेपाल की पूरी टीम 128 रनों पर ढेर
अंडर-19 एशिया कप के रोमांचक मुकाबले में भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के गेंदबाजों ने एक बार फिर अपनी घातक और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर विरोधी टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। नेपाल अंडर-19 टीम के खिलाफ खेले जा रहे इस हाई-वोल्टेज मैच में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ बनाए रखी और पूरी नेपाल टीम को महज 128 रनों के मामूली स्कोर पर समेट दिया। इस एकतरफा प्रदर्शन में भारत के स्टार युवा तेज गेंदबाज और स्पिन तिकड़ी का प्रदर्शन बेहद लाजवाब रहा, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस गेंदबाज ने बटोरीं जिसने अपने 10 ओवर के कोटे में नेपाल के बल्लेबाजों को हाथ खोलने का एक भी मौका नहीं दिया और महज 18 रन देकर विरोधी बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी। भारतीय टीम की इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के बाद मैच पूरी तरह से भारत की झोली में जाता दिख रहा है, जिससे भारतीय समर्थकों में भारी उत्साह व्याप्त है।
शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों का कहर, नेपाल के बल्लेबाजों के पास नहीं था कोई जवाब
मैच की शुरुआत में टॉस जीतकर या पिच की नमी का फायदा उठाते हुए भारतीय कप्तान ने गेंदबाजी का सही फैसला लिया। भारतीय तेज गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही सटीक लाइन-लेंथ से नेपाल के सलामी बल्लेबाजों को लगातार छकाया। पिच से मिल रही स्विंग और उछाल का पूरा फायदा उठाते हुए भारतीय गेंदबाजों ने नेपाल को शुरुआती झटके दिए, जिससे नेपाल की टीम उबर नहीं सकी। दबाव में आई नेपाल की टीम ने नियमित अंतराल पर अपने विकेट गंवाए और पावरप्ले के भीतर ही उनके शीर्ष तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की थोड़ी कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय स्पिनरों ने अपनी फिरकी का ऐसा जाल बुना कि नेपाली बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए जूझते नजर आए और रन गति पूरी तरह थम गई।
10 ओवर में दिए सिर्फ 18 रन: इस युवा स्टार खिलाड़ी ने गेंद से बरपाया कहर
इस पूरे मुकाबले में जिस खिलाड़ी का स्पेल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना रहा, उसने अपनी अनुशासित और धारदार गेंदबाजी से विश्व क्रिकेट का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस युवा गेंदबाज ने अपने 10 ओवरों के स्पेल में जबरदस्त इकॉनमी रेट से गेंदबाजी करते हुए महज 18 रन खर्च किए और बहुमूल्य विकेट चटकाए। टी20 और आक्रामक वनडे क्रिकेट के दौर में 10 ओवर में 1.8 की इकॉनमी से गेंदबाजी करना किसी भी गेंदबाज के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इस गेंदबाज ने अपनी विविधतापूर्ण गेंदों, डॉट बॉल्स के दबाव और बेहतरीन टप्पा नियंत्रण से नेपाली बल्लेबाजों को पूरी तरह लाचार कर दिया। यही वजह रही कि नेपाल की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने का सपना भी नहीं देख सकी और पूरी टीम 50 ओवर का कोटा पूरा खेले बिना ही 128 रनों पर सिमट गई।
भारत के सामने 129 रनों का आसान लक्ष्य, सेमीफाइनल और आगे का रास्ता हुआ साफ
नेपाल को 128 रनों पर ऑलआउट करने के बाद भारतीय जूनियर टीम को मुकाबला जीतने के लिए 129 रनों का बेहद आसान लक्ष्य मिला है। भारतीय टीम की मजबूत और गहराई से भरी बल्लेबाजी लाइन-अप को देखते हुए यह लक्ष्य काफी छोटा माना जा रहा है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बल्लेबाज इस छोटे से लक्ष्य को बेहद तेजी से हासिल कर अपने नेट रन रेट (NRR) में जबरदस्त सुधार करेंगे। इस टूर्नामेंट में भारतीय अंडर-19 टीम का अब तक का सफर बेहद शानदार रहा है और इस एकतरफा प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट का बेंच स्ट्रेंथ कितना मजबूत है। इस मुकाबले में मिली बढ़त से न केवल टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंचेगा, बल्कि आगे आने वाले बड़े मैचों के लिए भी विरोधी टीमों में भारत का खौफ कायम रहेगा।