दिवाली से पहले सहारनपुर के कपूर परिवार की छिन गई खुशियां
दीपोत्सव के त्योहार दिवाली की आहट के साथ जहां पूरा देश खुशियों के दीप जलाने और मिठाइयां बांटने की तैयारियों में मशगूल था, वहीं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के पॉश इलाके में रहने वाले कपूर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर के आंगन में चहकने वाले 6 साल के मासूम आरव कपूर (बदला हुआ नाम) का संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक अपहरण हो गया। पल भर में परिवार की तमाम हंसी-खुशी चीख-पुकार और मातम में बदल गई। रंग-बिरंगी लाइटों से सजने वाला घर अचानक खामोशी और खौफ के साए में डूब गया। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता और पेशेवर रणनीति दिखाते हुए महज कुछ घंटों के भीतर अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मासूम को सुरक्षित सकुशल बरामद कर लिया। मौत के मुंह से बच्चे की सही-सलामत वापसी के बाद कपूर परिवार की आंखों से बहे आंसू खुशियों की सौगात बन गए।
#1 दिवाली की खुशियों के बीच अचानक छाया मातम और मासूम का सनसनीखेज अपहरण
सहारनपुर के प्रसिद्ध कारोबारी कपूर परिवार के घर में दिवाली उत्सव की तैयारियां बेहद जोरों पर चल रही थीं। शाम के समय जब परिवार के सदस्य घर के बाकी कामों और खरीदारी में व्यस्त थे, तभी 6 साल का मासूम बच्चा घर के बाहर गली में खेलने के लिए निकला। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बेखौफ बदमाशों ने सुनसान मौके का फायदा उठाकर बच्चे को चुपचाप एक गाड़ी में खींच लिया और रफूचक्कर हो गए। काफी देर तक जब बच्चा वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की। अनहोनी की आशंका के बीच अचानक कपूर परिवार के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें बच्चे की रिहाई के बदले लाखों रुपये की फिरौती मांगी गई और पुलिस के पास जाने पर बच्चे को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी गई।
#1 सहारनपुर पुलिस की त्वरित घेराबंदी और सर्विलांस टीम का बिछा जाल
फिरौती की कॉल आते ही कपूर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने तुरंत हिम्मत जुटाकर सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और स्थानीय थाना पुलिस को इस वारदात की जानकारी दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने बिना एक पल गंवाए पुलिस की 5 विशेष टीमों का गठन किया, जिनमें सर्विलांस सेल, एसओजी (SOG) और क्राइम ब्रांच की टीमें शामिल थीं। पुलिस ने शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर तुरंत सघन नाकाबंदी करवा दी और आसपास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। सर्विलांस टीम ने फिरौती वाली कॉल की लोकेशन को ट्रेस किया, जिससे बदमाशों की मौजूदगी जिले की सीमा से सटे एक जंगलात इलाके में होने का सुराग मिला।
#1 एनकाउंटर की आहट और मौत के मुंह से मासूम की सुरक्षित रिहाई
पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक लोकेशन मिलते ही बदमाशों के संभावित ठिकाने को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस की घेराबंदी में फंसता देख घबराए बदमाशों ने भागने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और बिना किसी नुकसान के घेराबंदी सख्त कर दी। पुलिस के बढ़ते दबाव और जवाबी कार्रवाई को देखकर किडनैपर्स मासूम को झाड़ियों के पीछे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने की कोशिश करने लगे, जिन्हें पुलिस ने दौड़ाकर दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत बच्चे को अपनी गोद में लिया और उसे सुरक्षित सुरक्षित बाहर निकाला।
#1 कपूर परिवार की आंखों में छलके आंसू और सहारनपुर पुलिस का आभार
जब पुलिस मासूम बच्चे को सुरक्षित लेकर कपूर परिवार के सामने पहुंची, तो पूरे मोहल्ले में भावुक माहौल बन गया। दिवाली से ठीक पहले अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत देखकर माता-पिता और परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। बच्चे को गले लगाते ही कपूर परिवार की छीनी हुई खुशियां एक बार फिर वापस लौट आईं। परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने सहारनपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जांबाजी और तत्परता की जमकर तारीफ की। शहरवासियों ने कहा कि सहारनपुर पुलिस ने न केवल एक मासूम की जान बचाई है, बल्कि एक पूरे परिवार को बिखरने और उजड़ने से बचा लिया है।