बांग्लादेश में रिजीम चेंज का इनाम? मोहम्मद यूनुस को अमेरिका में मिला अवार्ड
बांग्लादेश में रिजीम चेंज का इनाम? मोहम्मद यूनुस को अमेरिका में मिला हिलेरी क्लिंटन अवार्ड, उठे तीखे सवाल
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और दक्षिण एशियाई कूटनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और गरमाई हुई खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) को अमेरिका में प्रतिष्ठित 'हिलेरी रोडम क्लिंटन अवार्ड' (Hillary Rodham Clinton Award) से सम्मानित किया गया है। वाशिंगटन डीसी स्थित जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान खुद पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने मोहम्मद यूनुस को यह पुरस्कार सौंपा। हालांकि, इस सम्मान समारोह के तुरंत बाद वैश्विक कूटनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। आलोचकों और राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि अमेरिका में यूनुस को मिला यह सम्मान और कुछ नहीं, बल्कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सत्ता को उखाड़ फेंकने यानी 'रिजीम चेंज' (Regime Change) में निभाई गई भूमिका का इनाम है।
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में सम्मान समारोह और हिलेरी क्लिंटन द्वारा तारीफों के पुल
वाशिंगटन के जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के गैस्टन हॉल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मोहम्मद यूनुस को ग्रामीण बैंक और माइक्रोक्रेडिट (सूक्ष्म ऋण) के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण व गरीबी उन्मूलन में दिए गए 50 वर्षों के योगदान के लिए सम्मानित किया गया। हिलेरी क्लिंटन ने यूनुस के काम की सराहना करते हुए कहा कि उनके मॉडल्स ने न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि पूरी दुनिया की महिलाओं को स्वावलंबी और मजबूत बनाया है। पुरस्कार स्वीकार करते हुए मोहम्मद यूनुस ने कहा कि 50 साल पहले की दुनिया और आज की दुनिया में काफी अंतर आ चुका है। उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल नौकरी ढूंढने वाले तैयार करती है, जबकि युवाओं को जॉब क्रिएटर (नौकरी देने वाला) बनना चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर एक नई ग्रामीण यूनिवर्सिटी शुरू करने के विजन का भी ऐलान किया।
'पश्चिम का मोहरा और रिजीम चेंज का इनाम': सोशल मीडिया पर फूटा तीखा गुस्सा
जैसे ही मोहम्मद यूनुस को हिलेरी क्लिंटन अवार्ड मिलने की तस्वीरें और खबरें सामने आईं, वैसे ही भारत और बांग्लादेश समेत दुनिया भर के राजनीतिक विश्लेषकों और आम नागरिकों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तमाम यूजर्स और विदेश नीति के जानकारों का कहना है कि पश्चिमी देश और खासकर अमेरिकी डीप स्टेट अपने मोहरों को इसी तरह अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजते हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि जब से मोहम्मद यूनुस ने अगस्त 2024 में बांग्लादेश की कमान संभाली है, तब से वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं अभूतपूर्व रूप से बढ़ी हैं, मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ी हैं और कट्टरपंथियों को खुला संरक्षण मिला है। ऐसे में एक असफल और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले शासन प्रमुख को अमेरिका द्वारा सम्मानित किया जाना पश्चिमी देशों के दोहरे रवैये को उजागर करता है।
बांग्लादेश में तख्तापलट और अमेरिका के साथ कूटनीतिक रिश्तों के इनसाइड कनेक्शन
उल्लेखनीय है कि शेख हसीना ने अपने देश और पद छोड़ने के दौरान भी अमेरिका पर बांग्लादेश में तख्तापलट कराने और सेंट मार्टिन द्वीप का नियंत्रण हथियाने की साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया था। शेख हसीना के जाने के बाद मोहम्मद यूनुस को आनन-फानन में वाशिंगटन और पश्चिमी ताकतों के इशारे पर अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाया गया था। भारत समेत पड़ोसी देशों में इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि अमेरिका समर्थित यूनुस सरकार बांग्लादेश को एक नए सुरक्षा संकट और अस्थिरता की ओर ढकेल रही है। आलोचकों का मानना है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो रही है, हिंसा चरम पर है, लेकिन अमेरिकी सरकार यूनुस को सम्मानित करके यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वे ढाका में हुए इस तख्तापलट के पूरी तरह से साथ हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों और दक्षिण एशियाई कूटनीति पर इस पुरस्कार का असर
अमेरिका की धरती पर मोहम्मद यूनुस के इस बड़े सम्मान और उस पर उठे विवाद का सीधा असर दक्षिण एशिया के रणनीतिक समीकरणों पर पड़ना तय माना जा रहा है। भारत शुरू से ही बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली की मांग करता आया है। यूनुस के इस अमेरिकी दौरे और हिलेरी क्लिंटन के साथ उनकी निकटता से यह साफ हो गया है कि ढाका की मौजूदा अंतरिम सरकार पूरी तरह से पश्चिमी एजेंडे पर काम कर रही है। इससे न केवल भारत की सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भारत, बांग्लादेश और अमेरिका के त्रिकोणीय कूटनीतिक संबंधों में और ज्यादा खटास देखने को मिल सकती है।