इजरायल के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने भरी ईरान की तरफ उड़ान
मध्य पूर्व के आसमान में इस समय तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है, जहां से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी सामरिक खबर सामने आ रही है। इजरायल की वायु सेना (IAF) के दर्जनों अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने अचानक ईरान की सीमा की तरफ आक्रामक उड़ान भरी, जिससे पूरे खाड़ी देशों में खलबली मच गई। अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों और सैन्य विश्लेषकों की सांसें उस वक्त थम गईं जब इन शक्तिशाली फाइटर जेट्स ने ईरान के एयरस्पेस के बेहद करीब पहुंचकर अचानक यू-टर्न ले लिया और अपने बेस की तरफ वापस लौट आए। इस रहस्यमयी और हाई-वोल्टेज सैन्य गतिविधि के बाद से पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों के बीच यह सवाल सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर इजरायल का यह अगला कौन सा बड़ा दांव था। क्या यह ईरान की प्रतिक्रिया परखने का कोई सुनियोजित मॉक ड्रिल यानी अभ्यास था, या फिर किसी अंतिम समय में आए कूटनीतिक दबाव के कारण इस बड़े संभावित हमले को कुछ समय के लिए टाल दिया गया। मध्य पूर्व के इस मौजूदा और विस्फोटक भू-राजनीतिक परिदृश्य में इस घटना ने एक बार फिर से इस बात की पुष्टि कर दी है कि दोनों देशों के बीच कभी भी कोई बड़ा सैन्य टकराव छिड़ सकता है।
इजरायली वायु सेना के इस अचानक मूवमेंट से ईरान समेत पूरी दुनिया में क्यों मचा हड़कंप
इजरायली वायु सेना के इन दर्जनों लड़ाकू विमानों की उड़ान सामान्य सैन्य गतिविधि नहीं थी, बल्कि इसमें देश के सबसे आधुनिक एफ-35 और अन्य स्ट्राइक एयरक्राफ्ट शामिल थे। जैसे ही ये विमान ईरान की भौगोलिक सीमाओं के नजदीक पहुंचे, ईरानी रडार और एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत हाई अलर्ट पर आ गए। तेहरान ने अपने वायु रक्षा तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया और किसी भी संभावित हवाई हमले का मुकाबला करने के लिए अपनी मिसाइल यूनिट्स को तैयार कर लिया। दूसरी ओर, जब यह खबर वैश्विक मीडिया और वाशिंगटन के रक्षा गलियारों तक पहुंची, तो अमेरिका और उसके सहयोगियों की धड़कनें भी तेज हो गईं। विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल इस प्रकार के अचानक अभ्यास के जरिए ईरान के भीतर छिपे परमाणु ठिकानों, मिलिट्री कमांड सेंटर्स और मिसाइल स्टोरेज डिपो पर होने वाले संभावित हमलों की टाइमिंग, एक्यूरेसी और दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमताओं का लाइव परीक्षण कर रहा था। इस तरह के मनोवैज्ञानिक दबाव से ईरान को मानसिक रूप से और उसकी रक्षा प्रणालियों को तकनीकी रूप से लगातार तनाव में रखना इजरायल की सोची-समझी सैन्य रणनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
क्या आने वाले दिनों में ईरान पर हो सकता है बड़ा हवाई हमला या सिर्फ धमकियों तक सीमित है खेल
इस पूरी घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों और सामरिक विशेषज्ञों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या इजरायल वास्तव में ईरान पर एक बड़े सैन्य हमले की तैयारी कर चुका है या यह सिर्फ कूटनीतिक दबाव बनाने का एक मनोवैज्ञानिक खेल है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली रक्षा मंत्रालय ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे। ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, जिसे इजरायल अपने अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष खतरा मानता है। हालांकि, अमेरिका और पश्चिमी देशों के कई वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ अभी भी पर्दे के पीछे से इस बड़े टकराव को टालने की पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कच्चे तेल के बाजार में भारी भूचाल आने से बचाया जा सके। बावजूद इसके, जिस तरह से इजरायली फाइटर जेट्स ने बॉर्डर तक जाकर उड़ान भरी और वापस लौटे, उसने यह साफ संकेत दे दिया है कि बारूद के ढेर पर बैठे इस क्षेत्र में जंग कभी भी और किसी भी वक्त भड़क सकती है, और दोनों देशों की सेनाएं इसके लिए पूरी तरह से तैयार बैठी हैं।