सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट और अरामको तेल सुविधा पर ड्रोन हमला
मध्य पूर्व के कूटनीतिक और ऊर्जा बाजारों से इस वक्त की सबसे दहला देने वाली और भीषण खबर सामने आ रही है, जहां सऊदी अरब के रणनीतिक रूप से बेहद अहम शहर दम्माम स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी 'अरामको' की प्रमुख तेल सुविधा पर एक भयंकर ड्रोन हमला हुआ है। इस आतंकवादी और कायरतापूर्ण हमले में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक भारतीय नागरिक सहित कुल 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस खतरनाक हमले के बाद से खाड़ी देशों से लेकर वाशिंगटन और नई दिल्ली तक हड़कंप मच गया है, क्योंकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के मुख्य केंद्र पर हुआ यह हमला अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बनकर उभरा है। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि मध्य पूर्व में सुलग रही बारूद की आग अब पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होती जा रही है और इसका सीधा असर आम नागरिकों तथा विदेशी कामगारों की जिंदगी पर पड़ने लगा है।
दम्माम एयरपोर्ट और अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाकर किए गए इस विध्वंसक हमले की पूरी अंदरूनी कहानी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह हमला बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया था, जिसमें अत्याधुनिक और विस्फोटक से लैस कई ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। हमलावरों का मुख्य निशाना सऊदी अरब की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाली अरामको की तेल रिफाइनरी और दम्माम का व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा था। जैसे ही आसमान में ड्रोन मंडराते हुए दिखाई दिए, सऊदी अरब के सुरक्षा तंत्र और एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें हवा में ही गिराने की कोशिश की, लेकिन कम से कम दो ड्रोन अपने तय लक्ष्यों पर जा गिरे, जिससे वहां भीषण आग लग गई और जोरदार धमाके गूंज उठे। इस हमले की वजह से दम्माम एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन कुछ समय के लिए पूरी तरह से रोकना पड़ा, जिससे हजारों यात्री घंटों फंसे रहे। अरामको की तेल सुविधा पर हुए इस हमले के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि यह प्लांट दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक संयंत्रों में गिना जाता है। इस घटना के बाद पूरे सऊदी अरब में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियों ने देश के सभी प्रमुख औद्योगिक और विमानन ठिकानों पर सुरक्षा व्यवस्था को कई गुना बढ़ा दिया है।
घायल भारतीय नागरिक की स्थिति पर भारत सरकार की पैनी नजर, कूटनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
इस बड़े और भीषण हमले में एक भारतीय नागरिक के भी गंभीर रूप से घायल होने की खबर ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) की चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और दम्माम में मौजूद भारतीय समयानुसार अधिकारी लगातार स्थानीय अस्पताल और सऊदी प्रशासन के संपर्क में हैं, ताकि घायल भारतीय नागरिक को हरसंभव बेहतरीन चिकित्सीय सहायता और सुरक्षा मुहैया कराई जा सके। भारत हमेशा से मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता का समर्थन करता रहा है, लेकिन इस तरह से नागरिक ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर नई दिल्ली ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय कामगार और पेशेवर रहते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस ताजा घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि क्या आने वाले दिनों में हूती विद्रोहियों या अन्य उग्रवादी गुटों के खिलाफ अमेरिका और खाड़ी देश मिलकर कोई बहुत बड़ा और निर्णायक सैन्य कदम उठाने जा रहे हैं, क्योंकि यदि इस प्रकार के हमले नहीं रोके गए, तो मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है।