खालिस्तानी आतंकी पन्नू पर मंडराया जान का बड़ा खतरा: FBI ने दी गंभीर चेतावनी
भारत सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को एक बार फिर अपनी जान का भयंकर डर सता रहा है। अमेरिका और कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने पन्नू को उसकी जिंदगी पर आए नए और गंभीर खतरे को लेकर आगाह किया है। खास बात यह है कि यह सनसनीखेज चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब कनाडा में उसकी संस्था द्वारा एक जनमत संग्रह (Referendum) का आयोजन किया जाना है। इस हाई-प्रोफाइल सुरक्षा अलर्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों और खुफिया एजेंसियों के बीच एक बार फिर भारी हलचल मच गई है। आइए एक स्वतंत्र ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असल सच्चाई क्या है।
एफबीआई और कनाडाई पुलिस ने पन्नू को जारी किया नया 'थ्रेट अलर्ट'
अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू से संपर्क कर उसे एक आसन्न और गंभीर खतरे (Imminent Threat) के प्रति सचेत किया है। मीडिया रिपोर्ट्स और पन्नू के बวยनों के अनुसार, अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने उसे बताया है कि उसकी सुरक्षा को लेकर कुछ नए और पुख्ता इनपुट मिले हैं, जो मुख्य रूप से उसके संभावित कनाडा दौरे से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अपनी यात्रा और गतिविधियों को लेकर अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस खतरे के स्रोत या अन्य गुप्त जानकारियों को साझा करने से इनकार कर दिया है, लेकिन इस चेतावनी ने उत्तर अमेरिकी सुरक्षा तंत्र में हलचल पैदा कर दी है।
कनाडा के एडमॉन्टन में प्रस्तावित जनमत संग्रह और बढ़ता तनाव
यह ताजा सुरक्षा चेतावनी ऐसे वक्त में आई है जब पन्नू का संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' कनाडा के एडमॉन्टन शहर में एक विवादास्पद और गैर-बाध्यकारी खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। पन्नू लगातार अपनी विभाजनकारी गतिविधियों और भारत विरोधी बयानों के जरिए सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करता रहता है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों के दौरान चरमपंथी तत्वों और स्थानीय आपराधिक सिंडिकेट्स के बीच आपसी रंजिश या अन्य सुरक्षा खतरे काफी बढ़ जाते हैं, जिसके चलते यह 'ड्यूटी टू वार्न' (Duty to Warn) लेटर जारी किया गया है।
साल 2023 के कथित साजिश मामलों से जुड़ा है पुराना इतिहास
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पन्नू की जान को खतरा होने का दावा किया गया हो। इससे पहले भी साल 2023 में अमेरिकी न्याय विभाग ने एक कथित नाकाम हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया था, जिसमें भारतीय नागरिकों और आधिकारिक संपर्कों के शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। उस मामले में निखिल गुप्ता नामक व्यक्ति को अमेरिकी अनुरोध पर चेक गणराज्य से गिरफ्तार किया गया था और बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था, जहां मामला अदालत में चल रहा है। इन पुराने मामलों के खुलासे के बाद से ही पन्नू अमेरिकी और कनाडाई खुफिया सुरक्षा घेरे के कड़े पहरे के बीच रह रहा है।
पन्नू का बयान और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत का सख्त रुख
इस नई धमकी के सामने आने के बाद खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि वह इस तरह के डराने वाले हालातों से पीछे हटने वाला नहीं है और अपनी गतिविधियां जारी रखेगा। दूसरी ओर, भारत सरकार ने हमेशा से इन तत्वों को शरण देने वाले पश्चिमी देशों की नीतियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। नई दिल्ली का स्पष्ट रुख रहा है कि आतंकवाद और अलगाववाद को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में बढ़ावा देना अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरनाक है। बहरहाल, एफबीआई की इस नई चेतावनी के बाद एक बार फिर भारत, अमेरिका और कनाडा के बीच कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी चर्चाएं तेज हो गई हैं।