हूती हमलों के बीच सऊदी में अमेरिकी नागरिकों के लिए सिक्योरिटी अलर्ट
पश्चिम एशिया में जारी भारी संघर्ष और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के आक्रामक रुख के बीच अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एक आपातकालीन सिक्योरिटी अलर्ट (Security Alert) जारी किया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब के विभिन्न शहरों में रह रहे और यात्रा कर रहे अमेरिकी नागरिकों को आगाह किया है कि हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी के नागरिक हवाई अड्डों, हवाई क्षेत्रों और महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं को निशाना बनाकर लगातार ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। सुरक्षा अलर्ट में चेतावनी दी गई है कि यह क्षेत्रीय दुश्मनी और संघर्ष बहुत तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल सकता है, जिससे हवाई यात्राएं बुरी तरह प्रभावित होने, उड़ानों के रद्द होने और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।
सऊदी हवाई अड्डों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर मंडराता बड़ा खतरा
अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी ताजा परामर्श में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित देश के प्रमुख वाणिज्यिक हवाई अड्डों पर बढ़ते सुरक्षा खतरों को रेखांकित किया गया है। हाल के दिनों में हूती लड़ाकों द्वारा किए गए मिसाइल और सुसाइड ड्रोन हमलों के चलते हवाई अड्डों पर परिचालन में बाधा उत्पन्न हुई है और कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को डायवर्ट या रद्द करना पड़ा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे हवाई अड्डों पर जाने से पहले उड़ानों की स्थिति की दोबारा पुष्टि करें, अत्यधिक सतर्कता बरतें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि यमन सीमा के 20 मील के दायरे में अमेरिकी कर्मियों की आवाजाही पर पहले ही कड़े प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।
क्षेत्रीय जंग का दायरा तेजी से फैलने की चेतावनी
इस सिक्योरिटी अलर्ट में सबसे ज्यादा चिंताजनक पहलू युद्ध का दायरा सऊदी अरब की सीमाओं से बाहर तेजी से फैलने (Escalation) की चेतावनी है। अमेरिकी मिशन ने कहा है कि हूती विद्रोही न केवल सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और नागरिक इलाकों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि लाल सागर और फारस की खाड़ी के आसपास अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और वाणिज्यिक विमानों के लिए भी सीधा खतरा पैदा कर रहे हैं। यमन और सऊदी अरब के बीच गहराता यह सैन्य टकराव पूरे मध्य पूर्व (Middle East) में शांति और स्थिरता को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमले इसी तरह जारी रहे, तो अमेरिकी और सऊदी गठबंधन बल यमन के भीतर हूती ठिकानों पर और भी बड़े जवाबी हवाई हमले शुरू कर सकते हैं, जिससे संपूर्ण क्षेत्र एक विनाशकारी महायुद्ध की लपेट में आ जाएगा।
दूतावास की एडवाइजरी: सोशल मीडिया पर मिसाइल इंटरसेप्शन की तस्वीरें पोस्ट करने पर पाबंदी
सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी नागरिकों और प्रवासियों के लिए अमेरिकी दूतावास ने एक विशेष स्थानीय कानून और सुरक्षा नियम के बारे में भी सचेत किया है। सऊदी अरब सरकार के सख्त दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए दूतावास ने कहा है कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हूती मिसाइलों या ड्रोनों को हवा में मार गिराने (Interception) की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना सख्त गैर-कानूनी है। ऐसा करने वालों को कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही, अमेरिकी नागरिकों को इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रोग्राम में अपना नाम दर्ज कराने और अमेरिकी विदेश मंत्रालय (US State Department) के आधिकारिक अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।