पैसा बनाने की मशीन! पिछले 6 महीनों में 33% तक का धांसू रिटर्न
भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार में इन दिनों निवेशकों के बीच स्मॉल-कैप फंड्स (Small-Cap Funds) को लेकर जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। शेयर बाजार के जानकारों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी निवेशक को अपने पैसे को लंबी अवधि में तेजी से बढ़ाना है और महंगाई को मात देनी है, तो स्मॉल-कैप सेगमेंट में निवेश करना सबसे शानदार विकल्प साबित हो सकता है। हाल ही में सामने आए पिछले 6 महीनों के प्रदर्शन आंकड़ों ने हर किसी को हैरान कर दिया है, क्योंकि चुनिंदा स्मॉल-कैप फंड्स ने निवेशकों को 33% तक का ताबड़तोड़ रिटर्न (Impressive Returns) दिया है। इन फंड्स की शानदार परफॉर्मेंस को देखकर ऐसा लगता है मानों ये पैसे छापने की कोई मशीन बन गए हों। देश के छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक के खुदरा निवेशक यह जानने के लिए बेताब हैं कि आखिर वे कौन से 4 जैकपॉट स्मॉल-कैप फंड्स हैं जिन्होंने बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच भी इतनी बेहतरीन छलांग लगाई है। यदि आप भी अपने पोर्टफोलियो में इन दमदार फंड्स को शामिल करने की सोच रहे हैं, तो इनकी निवेश रणनीतियों और जोखिम के पहलुओं को गहराई से समझना बेहद जरूरी है।
जानिए क्यों निवेशकों के बीच पहली पसंद बनते जा रहे हैं स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड्स
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में स्मॉल-कैप फंड्स उन स्कीमों को कहा जाता है जो बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) के लिहाज से 250वें स्थान के बाद आने वाली छोटी कंपनियों के शेयरों में अपना पैसा निवेश करती हैं। ये वो कंपनियां होती हैं जिनमें विकास की अपार संभावनाएं (High Growth Potential) छिपी होती हैं। जब देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती है और सरकार विनिर्माण, बुनियादी ढांचे तथा डिजिटल परिवर्तन पर जोर देती है, तो सबसे ज्यादा फायदा इन छोटी और उभरती हुई कंपनियों को ही मिलता है। हालांकि, स्मॉल-कैप फंड्स में जोखिम (Risk) भी अन्य लार्ज-कैप या मिड-कैप फंड्स की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि शेयर बाजार में मंदी के दौरान इनमें गिरावट भी उतनी ही तेजी से आती है। इसके बावजूद, पिछले कुछ महीनों में जिस प्रकार इन फंड्स ने 33% तक का शानदार रिटर्न निवेशकों को दिया है, उसने यह साबित कर दिया है कि अगर सही फंड मैनेजर और मजबूत रिसर्च के साथ निवेश किया जाए, तो स्मॉल-कैप फंड्स अल्पकाल से लेकर दीर्घकाल तक में ऐतिहासिक दौलत बना सकते हैं।
वे 4 जैकपॉट स्मॉल-कैप फंड्स जिन्होंने पिछले 6 महीनों में मचाया धमाल
विशेषज्ञों और मार्केट ट्रैकर्स द्वारा पिछले छह महीनों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करने पर चार ऐसे स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड्स सामने आए हैं जिन्होंने अपनी चुस्त पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग और बेहतरीन स्टॉक सिलेक्शन के दम पर सबसे ज्यादा 33% तक का रिटर्न दर्ज किया है। इन फंड्स के पोर्टफोलियो में ऐसी उभरती हुई कंपनियां शामिल हैं जिन्होंने ऑटो एंसिलरी, स्पेशलिटी केमिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में शानदार प्रदर्शन किया है। इन जैकपॉट फंड्स के फंड मैनेजरों ने मंदी के दौर में भी उन शेयरों की पहचान की जिनमें अंडरवैल्यूड वैल्यू बाइंग का मौका मिल रहा था। जब बाजार में रिकवरी का दौर शुरू हुआ, तो इन चुनिंदा शेयरों ने मल्टीबैगर रिटर्न देकर निवेशकों के पैसे को रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा दिया। यही वजह है कि इन चार योजनाओं का नाम आज देश भर के म्यूचुअल फंड निवेशकों की जुबान पर सबसे ऊपर है और लोग इनमें एसआईपी (SIP) के जरिए लगातार निवेश बढ़ा रहे हैं।
स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश करते वक्त किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान
भले ही पिछले 6 महीनों का 33% तक का रिटर्न सुनने में बहुत आकर्षक लगता है और किसी भी निवेशक को अपनी ओर खींच सकता है, लेकिन वित्तीय जानकारों की सलाह है कि केवल पिछले रिटर्न को देखकर ही किसी फंड में आंख मूंदकर पैसा नहीं लगाना चाहिए। स्मॉल-कैप फंड्स में निवेश करने का सबसे पहला नियम यह है कि आपका नजरिया कम से कम 5 से 7 वर्षों या उससे अधिक का होना चाहिए। यदि आप बाजार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव या गिरावट को देखकर घबरा जाते हैं और पैनिक सेलिंग कर देते हैं, तो स्मॉल-कैप आपके लिए नहीं बने हैं। इसके अलावा, एकमुश्त (Lumpsum) पैसा लगाने के बजाय हमेशा सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) के रास्ते को चुनना सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है। एसआईपी के जरिए निवेश करने से 'रुपया कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा मिलता है और बाजार की हर गिरावट का लाभ आपके पोर्टफोलियो को मिलता है, जिससे जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।
भविष्य की वित्तीय योजना और वेल्थ क्रिएशन का सही रास्ता
निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि देश के आर्थिक विकास में हिस्सेदारी निभाते हुए यदि आप अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं, तो समझदारी से चुने गए स्मॉल-कैप फंड्स आपके वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी फंड में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से चर्चा जरूर करें और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता (Risk Appetite) का आकलन कर लें। सही समय पर सही जगह पर अनुशासन के साथ किया गया निवेश ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी बनता है। इन चार जैकपॉट स्मॉल-कैप फंड्स की शानदार परफॉर्मेंस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार में आम आदमी के लिए भी अकूत संपत्ति सृजित करने के अनगिनत दरवाजे खुले हुए हैं।