हफ्ते की शानदार शुरुआत के बाद शेयर बाजार में फिर लौटी बिकवाली: सेंसेक्स 200 अंक लुढ़का
भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों से लगातार जारी तेजी के सिलसिले पर आज अचानक ब्रेक लग गया और बिकवाली के भारी दबाव के बीच बाजार लाल निशान में बंद हुआ। हफ्ते के शुरुआती दिनों में निवेशकों के चेहरे पर जो मुस्कान लौटी थी, वह आज के कारोबार में फीकी पड़ती नजर आई क्योंकि मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों से मिलेजुले संकेतों के चलते प्रमुख सूचकांक नीचे फिसल गए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक यानी सेंसेक्स आज के कारोबार के दौरान करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की संपत्ति में मामूली कमी दर्ज की गई। हालांकि इस आम गिरावट के माहौल के बीच देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस (TCS) के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 2 प्रतिशत की मजबूत छलांग लगाई, जिससे चुनिंदा निवेशकों को राहत जरूर मिली।
बाजार में आज के कारोबार की चाल और किन प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली के कारण टूटा सेंसेक्स
आज सुबह जब बाजार की शुरुआत हुई थी, तो निवेशकों को उम्मीद थी कि पिछले दो दिनों की बढ़त का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया। बैंकिंग, ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी होने के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांकों पर लगातार दबाव बना रहा। विश्लेषकों का मानना है कि जब भी बाजार लगातार कुछ दिनों तक ऊपर चढ़ता है, तो तकनीकी रूप से करेक्शन आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है, और आज का यह कारोबार उसी बिकवाली का नतीजा था। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से सुस्त रुख और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी घरेलू बाजार के सेंटीमेंट को थोड़ा कमजोर करने का काम किया, जिससे बाजार दिनभर के दायरे में ही सिमट कर रह गया।
टीसीएस के शेयरों में 2 प्रतिशत की जोरदार तेजी और आईटी शेयरों में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
एक तरफ जहां पूरे बाजार में सुस्ती और गिरावट का माहौल छाया हुआ था, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज आईटी स्टॉक टीसीएस (TCS) ने अपने मजबूत फंडामेंटल्स के दम पर बाजार की नैया को पार लगाने की कोशिश की। टीसीएस के शेयरों में आज लगभग 2 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई, जिसके पीछे कंपनियों के तिमाही नतीजों की उम्मीदों और टेक सेक्टर में नए सौदों की चर्चाओं को मुख्य वजह माना जा रहा है। आईटी शेयरों में आई इस लिवाली के चलते निवेशकों ने टेक आधारित म्यूचुअल फंड्स और शेयरों में जमकर खरीदारी की। जानकारों का कहना है कि जब-जब पारंपरिक और इकोनॉमी-सेंसिटिव सेक्टरों में दबाव बनता है, तब-तब निवेशक आईटी और फार्मा जैसे रक्षात्मक (Defensive) शेयरों की तरफ रुख करते हैं, और आज का यह रुझान टीसीएस के शेयरों में साफ तौर पर देखने को मिला।
निवेशकों के लिए आगे की क्या है रणनीति और बाजार के जानकारों की क्या है सलाह
शेयर बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे दौर में छोटे और खुदरा निवेशकों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि उन्हें मौजूदा बाजार स्थिति में क्या करना चाहिए। मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि बाजार के इस तरह के छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह हेल्दी मार्केट करेक्शन का एक हिस्सा होते हैं। यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो बाजार में हर गिरावट पर अच्छी गुणवत्ता वाले फंडामेंटली स्ट्रॉन्ग शेयरों को चुनिंदा तरीके से अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने का यह बेहतरीन मौका होता है। साथ ही, किसी भी शेयर में एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय एसआईपी (SIP) या टुकड़ों में निवेश करने की रणनीति अपनाएं ताकि बाजार के जोखिम को कम किया जा सके और आने वाले समय में बेहतर मुनाफा कमाया जा सके।