ओयो आईपीओ से पहले आई बेहद बड़ी खुशखबरी: दिग्गज ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने बदला आउटलुक
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की देश की सबसे दिग्गज और चर्चित स्टार्टअप कंपनी ओयो (OYO) के इनवेस्टर्स और मैनेजमेंट के लिए शेयर बाजार में एंट्री करने से ठीक पहले एक बहुत ही शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (Prizm) के आगामी आईपीओ (IPO) को लेकर बाजार में मची हलचल के बीच दुनिया की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स (S&P Global Ratings) ने कंपनी को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक फैसला सुनाया है। रेटिंग एजेंसी ने प्रिज्म के आउटलुक (Outlook) को 'स्टेबल' यानी स्थिर श्रेणी से अपग्रेड करते हुए 'पॉजिटिव' यानी सकारात्मक कर दिया है। इसके साथ ही एजेंसी ने कंपनी के सीनियर सिक्योर्ड टर्म लोन पर उसकी 'B' इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग को भी पूरी मजबूती के साथ बरकरार रखा है। रेटिंग एजेंसी के इस कदम से ओयो के आईपीओ को लेकर निवेशकों का भरोसा कई गुना बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्रेडिट मैट्रिक्स और कैपिटल स्ट्रक्चर में होगा भारी सुधार, कर्ज मुक्त होने की तरफ बढ़ेगी कंपनी
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने अपने आधिकारिक बयान में आउटलुक को पॉजिटिव करने के पीछे की ठोस वजहों को भी साफ किया है। एजेंसी का मानना है कि यह पॉजिटिव आउटलुक हमारी इस प्रबल उम्मीद को दर्शाता है कि अगर ओयो अपनी हालिया अच्छी कमाई और मुनाफे की रफ्तार को इसी तरह बरकरार रखती है, तो आगामी आईपीओ के जरिए कंपनी के पूरे कैपिटल स्ट्रक्चर (पूंजी ढांचे) को एक नई मजबूती मिलेगी। इसके चलते अगले 12 महीनों के भीतर कंपनी के क्रेडिट मेट्रिक्स में बेहद शानदार सुधार देखने को मिल सकता है। एसएंडपी ने आगे कहा कि यदि ओयो अपने इस सफल आईपीओ से मिलने वाली मोटी रकम का एक बड़ा हिस्सा अपने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए इस्तेमाल करती है, तो इसके क्रेडिट रेश्यो को और भी ज्यादा मजबूती मिलेगी जो किसी भी कंपनी के भविष्य के लिए बहुत अच्छा संकेत है।
ओयो के प्रेफरेंस शेयर्स बदल जाएंगे शुद्ध इक्विटी में, फाइनेंशियल ईयर 2027 में 15 फीसदी रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के विश्लेषकों के अनुसार, एक सफल आईपीओ के बाद प्रिज्म का कैपिटल स्ट्रक्चर तकनीकी रूप से काफी मजबूत हो जाएगा। पब्लिक ऑफर आते ही बाजार के नियमों के मुताबिक कंपनी के कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) और कंपल्सरी कन्वर्टिबल क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस शेयर्स (CCCPS) पूरी तरह से शुद्ध इक्विटी शेयर्स में तब्दील हो जाएंगे। रेटिंग एजेंसी ने स्पष्ट किया कि अभी तक वे अपने फाइनेंशियल रेश्यो की गणना में इन इंस्ट्रूमेंट्स को कर्ज (Debt) की तरह ही मानते थे क्योंकि ये स्थायी नहीं होते हैं, लेकिन आईपीओ के बाद यह बोझ पूरी तरह खत्म हो जाएगा। बेहतर ऑपरेटिंग क्षमता और बेहतरीन कैश कन्वर्जन रेट के दम पर अगले 12 महीनों में प्रिज्म की कमाई ग्राफ लगातार ऊपर जाएगा। एजेंसी का अनुमान है कि प्रीमियम ऑफरिंग की ओर बढ़ने और नई संपत्तियां जोड़ने से फाइनेंशियल ईयर 2027 में कंपनी का कुल रेवेन्यू लगभग 15 प्रतिशत तक और बढ़ सकता है।
बाजार नियामक सेबी से मिल चुकी है 6,650 करोड़ रुपये जुटाने की हरी झंडी, गोपनीय रूट से दाखिल किए थे पेपर
आपको बता दें कि हाल ही में ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म को भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) से अपने मेगा आईपीओ के जरिए बाजार से 6,650 करोड़ रुपये जुटाने की आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। ओयो ने बहुत ही समझदारी दिखाते हुए गोपनीय पूर्व-फाइलिंग मार्ग (Confidential Pre-filing Route) का विकल्प चुना था और दिसंबर 2025 के अंत में सेबी के समक्ष अपने प्रारंभिक दस्तावेज जमा किए थे। यह ऐतिहासिक दस्तावेज 20 दिसंबर 2025 को आयोजित कंपनी की असाधारण आम बैठक (EGM) में शेयरधारकों से मिली हरी झंडी के बाद दाखिल किए गए थे। सेबी का यह गोपनीय रूट किसी भी कंपनी को बिना सार्वजनिक घोषणा किए अपने मसौदा दस्तावेजों पर नियामक से शुरुआती बातचीत और सुधार करने की अनुमति देता है, जिसके बाद अब सेबी ने इस महा-आईपीओ को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।