संजय गुप्ता अपने पीछे छोड़ गए हंसता-खिलखिलाता परिवार

संजय गुप्ता अपने पीछे छोड़ गए हंसता-खिलखिलाता परिवार

हिंदी सिनेमा और बॉलीवुड के गलियारों से सामने आई एक बेहद दुखद खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और सिनेमा प्रेमियों को शोक की लहर में डुबो दिया है। अपनी बेहतरीन एक्शन-थ्रिलर फिल्मों और अनूठी सिनेमाई शैली के लिए जाने जाने वाले दिग्गज फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता के अचानक निधन या बिछड़ने की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। सिनेमा की चमक-धमक और रंगीन दुनिया से दूर संजय गुप्ता अपने पीछे एक बेहद प्यारा, हंसता-खिलखिलाता और खुशहाल परिवार छोड़ गए हैं। अपनी पेशेवर जिंदगी में कड़े और साहसिक फैसले लेने वाले संजय गुप्ता अपनी निजी जिंदगी में पूरी तरह से पारिवारिक इंसान थे। उनकी पत्नी अनुराधा गुप्ता के साथ उनका रिश्ता किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था, जहां प्यार और भरोसे की खातिर दोनों ने एक-दूसरे से दोबारा शादी रचाई थी। इसके साथ ही अपने दोनों बच्चों—बेटे शिवंश और बेटी दलाई—के साथ उनका लगाव इतना गहरा था कि उनकी पूरी दुनिया अपने बच्चों के इर्द-गिर्द ही घूमती थी।

अनुराधा के साथ अनोखी प्रेम कहानी: अलगाव के बाद फिर रचाई थी दोबारा शादी

संजय गुप्ता और उनकी पत्नी अनुराधा की लव स्टोरी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक कहानियों में से एक मानी जाती है। दोनों ने पहली बार शादी करने के बाद जीवन के एक मोड़ पर आपसी मतभेदों के चलते अलग होने का फैसला किया था और उनका तलाक हो गया था। हालांकि, समय और एक-दूसरे के प्रति सच्चे प्यार ने उन्हें ज्यादा दिन दूर नहीं रहने दिया। अपनी गलतफहमियों को भुलाकर और रिश्तों को एक नया मौका देते हुए संजय और अनुराधा ने साल 2009 में दोबारा एक-दूसरे का हाथ थामने का ऐतिहासिक फैसला किया। दोनों ने पूरे रीति-रिवाजों के साथ दोबारा शादी की और एक मिसाल कायम की कि अगर प्यार सच्चा हो तो रिश्ते दोबारा जुड़ सकते हैं। अनुराधा ने हर कदम पर संजय का साथ दिया और उनके निर्देशन करियर के उतार-चढ़ाव में उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी रहीं।

बच्चों में बसती थी जान: बेटे शिवंश और बेटी दलाई के सुपर डैड थे संजय

फिल्मों के सेट पर बेहद सख्त और अनुशासित रहने वाले संजय गुप्ता घर पहुंचते ही एक बेहद कोमल और प्यारे पिता बन जाते थे। उनके दो बच्चे हैं—बेटा शिवंश और बेटी दलाई। संजय अक्सर सोशल मीडिया पर अपने बच्चों के साथ खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहते थे। उनके करीबी दोस्तों और बॉलीवुड के सहयोगियों का कहना है कि संजय की जान अपने दोनों बच्चों में बसती थी। वे फिल्मों की शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर बच्चों के साथ छुट्टियां बिताना, उनका होमवर्क कराना और उनकी छोटी-छोटी खुशियों का जश्न मनाना कभी नहीं भूलते थे। संजय गुप्ता अक्सर साक्षात्कार में कहा करते थे कि उनके बच्चे ही उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि और खुशी का जरिया हैं।

'कांटे' से लेकर 'शूटआउट एट लोखंडवाला' तक: सिनेमा को दीं ब्लॉकबस्टर फिल्में

संजय गुप्ता का फिल्म निर्माण और निर्देशन का सफर बेहद शानदार और ऐतिहासिक रहा। उन्होंने 'कांटे', 'मुसाफिर', 'जज्बा', 'काबिल', 'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'शूटआउट एट वडाला' जैसी कई कल्ट और सुपरहिट फिल्मों का निर्माण व निर्देशन किया। उन्होंने हिंदी सिनेमा में डार्क क्राइम थ्रिलर और स्टाइलैज्ड एक्शन जॉनर को एक नई पहचान दी। संजय दत्त, जॉन अब्राहम, ऋतिक रोशन और अमिताभ बच्चन जैसे बॉलीवुड के दिग्गजों के साथ उनके बेहतरीन काम को हमेशा याद रखा जाएगा। एक विजनरी डायरेक्टर के रूप में उन्होंने हमेशा दर्शकों को पर्दे पर कुछ नया और रोमांचक देने का प्रयास किया।

गमगीन हुआ बॉलीवुड: करीबियों ने नम आंखों से दी भावुक श्रद्धांजलि

संजय गुप्ता के इस तरह चले जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में सन्नाटा पसरा हुआ है। बॉलीवुड के तमाम बड़े सितारों, निर्देशकों, तकनीशियनों और उनके लाखों प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संजय दत्त और जॉन अब्राहम समेत उनके करीबी दोस्तों ने इस क्षति को व्यक्तिगत और अपूरणीय क्षति बताया है। सभी का कहना है कि संजय न केवल एक महान निर्देशक थे, बल्कि एक सोने के दिल वाले इंसान और एक समर्पित पारिवारिक व्यक्ति थे। उनके जाने से जो शून्यता बनी है, उसे भर पाना नामुमकिन है, लेकिन उनका काम और उनका हंसता-खिलखिलाता परिवार हमेशा उनकी सुनहरी यादों को जिंदा रखेगा।