50% पुलिस फोर्स हमारे साथ, केंद्र से नाराज हैं जवान; 'वोट चोरी' विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा दावा

50% पुलिस फोर्स हमारे साथ, केंद्र से नाराज हैं जवान; 'वोट चोरी' विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा दावा

संसद में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक निकाले जाने वाले मार्च और याचिका दाखिल करने से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की 50 फीसदी पुलिस फोर्स विपक्ष के साथ खड़ी है और सुरक्षा बल भी सरकार के रवैये से नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को छावनी और जेल में तब्दील कर दिया गया है, ताकि जनता और विपक्ष की आवाज को दबाया जा सके। राहुल गांधी के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है।

50% फोर्स हमारे साथ, पुलिसकर्मी भी सरकार से परेशान: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जमीन पर तैनात पुलिसकर्मी भी इस बात से असहज हैं कि उनसे युवाओं और प्रदर्शनकारियों पर सख्ती करवाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस प्रशासन के जवान अंदरखाने उनसे कह रहे हैं कि विपक्ष जो लड़ाई लड़ रहा है, वह बिल्कुल सही है। राहुल ने कहा कि दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और आईटीबीपी (ITBP) के जवान इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए क्यों झोंका जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे 20 से 30 हजार पुलिसकर्मियों को सड़कों पर तैनात कर दे, लेकिन सच की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

सरकार के 200 अफसर संपर्क में, एजेंसियों से मिल रही इनपुट

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के 200 से अधिक अधिकारी विपक्ष के सीधे संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), सीबीआई (CBI) और विदेश मंत्रालय जैसे अहम विभागों के भीतर मौजूद लोग उन्हें अंदरूनी जानकारियां दे रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को जो कदम उठाने हैं उठाए, लेकिन सच्चाई विपक्ष के साथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक करने का प्रयास कर रही है, जिसके खिलाफ यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और निष्पक्षता पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। विपक्ष लगातार सवाल पूछ रहा है कि चुनावी प्रक्रियाओं और वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त पद पर क्यों बने हुए हैं। राहुल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि विपक्ष इस मामले को कतई नहीं छोड़ेगा और चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई लगातार जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पहुंचा विपक्षी गठबंधन

राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के हनन पर गहरी चिंता जताई थी। इसके बाद विपक्ष ने औपचारिक रूप से शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया। राहुल गांधी ने कहा कि यह संघर्ष केवल किसी एक दिन के सड़क प्रदर्शन का नहीं है, बल्कि देश के संविधान और 'एक व्यक्ति, एक वोट' के मौलिक अधिकार की रक्षा करने का है। उन्होंने दोहराया कि देश की जनता, युवा और सुरक्षा बल एक तरफ खड़े हैं, जबकि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग दूसरी तरफ हैं।