टेस्ट क्रिकेट में 49 साल बाद दिखा दुर्लभ संयोग, मार्नस लाबुशेन ने दोनों पारियों में बनाया एक जैसा स्कोर

टेस्ट क्रिकेट में 49 साल बाद दिखा दुर्लभ संयोग, मार्नस लाबुशेन ने दोनों पारियों में बनाया एक जैसा स्कोर

टेस्ट क्रिकेट को यूं ही अनिश्चितताओं और हैरान कर देने वाले आंकड़ों का खेल नहीं कहा जाता। क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में कभी-कभार ऐसे दुर्लभ इत्तेफाक सामने आते हैं, जो दशकों पुराने इतिहास के पन्नों को दोबारा खोल देते हैं। ऐसा ही एक अविश्वसनीय और ऐतिहासिक संयोग ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन के साथ देखने को मिला है। लाबुशेन ने एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में न केवल बिल्कुल एक समान रन बनाए, बल्कि गेंदों और आउट होने के तरीके में भी ऐसा अजीबोगरीब तालमेल दिखा जिसने सांख्यिकीविदों और क्रिकेट प्रेमियों को दंग कर दिया। टेस्ट क्रिकेट के लगभग डेढ़ सौ साल के इतिहास में ठीक 49 साल बाद ऐसा कारनामा दोहराया गया है, जिससे पहले यह अनोखा रिकॉर्ड एक महान भारतीय दिग्गज बल्लेबाज के नाम दर्ज था।

49 साल बाद दोहराया गया टेस्ट इतिहास का अनोखा पन्ना

क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक को खंगालें तो किसी बल्लेबाज का दोनों पारियों में शतक या अर्धशतक जड़ना आम बात है, लेकिन दोनों पारियों में एक ही विशिष्ट संख्या पर आउट होना और दशकों पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करना बेहद दुर्लभ है। लाबुशेन जब मैदान पर उतरे, तो टीम को उनसे एक बड़ी और ठोस पारी की दरकार थी। पहली पारी में एक निश्चित स्कोर पर पवेलियन लौटने के बाद जब वे दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आए, तो किसी ने नहीं सोचा था कि इतिहास खुद को हूबहू दोहराने वाला है। दूसरी पारी में भी लाबुशेन ठीक उसी व्यक्तिगत स्कोर पर अपना विकेट गंवा बैठे। खेल के जानकारों ने तुरंत रिकॉर्ड बुक्स खंगालीं और पाया कि टेस्ट क्रिकेट में इस तरह का संयोग लगभग पांच दशक यानी 49 साल पहले घटित हुआ था।

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज गुंडप्पा विश्वनाथ से जुड़ा है यह दुर्लभ संयोग

इस अनोखे रिकॉर्ड की कड़ी सीधे तौर पर भारतीय क्रिकेट के सुनहरे दौर और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज गुंडप्पा विश्वनाथ से जुड़ती है। साल 1970 के दशक में भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ रहे गुंडप्पा विश्वनाथ अपनी कलाई के जादू और मुश्किल पिचों पर संकटमोचक पारियां खेलने के लिए मशहूर थे। 1970 के दशक के उस ऐतिहासिक मुकाबले में विश्वनाथ ने टेस्ट मैच की दोनों पारियों में बिल्कुल एक समान स्कोर बनाया था। उस दौर में तेज गेंदबाजों के सामने बिना हेलमेट के बल्लेबाजी करते हुए विश्वनाथ का दोनों पारियों में एक जैसा स्कोर खड़ा करना चर्चा का विषय बन गया था। उसके बाद से कई पीढ़ियां आईं और चली गईं, डॉन ब्रैडमैन से लेकर सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने ढेरों कीर्तिमान बनाए, लेकिन दोनों पारियों में इस तरह का सटीक दोहराव 49 साल तक कोई नहीं छू सका था।

मार्नस लाबुशेन की तकनीक और क्रीज पर बिताया वक्त

मार्नस लाबुशेन आधुनिक टेस्ट क्रिकेट के सबसे तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। क्रीज पर घंटों बिताने और विपक्षी गेंदबाजों को थकाने की उनकी कला उन्हें स्टीव स्मिथ की श्रेणी में खड़ा करती है। इस मुकाबले में भी लाबुशेन ने बेहद संयम के साथ शुरुआत की थी। दोनों ही पारियों में उन्होंने नई गेंद की धार को कुंद किया, गेंदबाजों के कड़े स्पैल का डटकर सामना किया और टीम के स्कोरबोर्ड को मजबूती दी। हालांकि, दोनों ही मौकों पर जब ऐसा लगा कि वे एक विशाल शतकीय पारी की ओर बढ़ रहे हैं, तभी एकाग्रता टूटी और वे एक ही स्कोर पर पवेलियन लौट गए। ड्रेसिंग रूम में लौटते ही जब उन्हें इस 49 साल पुराने रिकॉर्ड के बारे में पता चला, तो वे भी इस सुखद आश्चर्य को देखकर हैरान रह गए।

टेस्ट क्रिकेट के आंकड़ों में दर्ज हुई यह यादगार उपलब्धि

क्रिकेट में आंकड़े सिर्फ जीत-हार तय नहीं करते, बल्कि खेल की खूबसूरती को बयां करते हैं। जब भी कोई खिलाड़ी किसी पूर्व महान क्रिकेटर के 49 या 50 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी करता है, तो खेल प्रेमियों के लिए वह एक नॉस्टैल्जिक लम्हा बन जाता है। गुंडप्पा विश्वनाथ के उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को आधुनिक दौर में मार्नस लाबुशेन द्वारा दोहराए जाने ने इस मुकाबले को रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए अमर बना दिया है। सोशल मीडिया और कमेंट्री बॉक्स में इस इत्तेफाक की जमकर चर्चा हो रही है और फैंस इसे टेस्ट क्रिकेट के अनसुलझे रहस्यों और चमत्कारों में से एक करार दे रहे हैं। आने वाले समय में शायद ही कोई बल्लेबाज इस तरह के दुर्लभ गणितीय संयोग को इतनी जल्दी दोबारा दोहरा पाए।