प्याज की बढ़ती कीमतों पर ब्रेक: महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंची 'कांदा एक्सप्रेस', अब मात्र 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज

प्याज की बढ़ती कीमतों पर ब्रेक: महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंची 'कांदा एक्सप्रेस', अब मात्र 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज

देशभर में आसमान छूती प्याज की कीमतों और त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। महाराष्ट्र के प्रमुख उत्पादक केंद्रों विशेषकर नासिक से भारी मात्रा में प्याज लेकर चली विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' (Kanda Express) ट्रेन दिल्ली पहुंच चुकी है। सरकार के इस त्वरित और बड़े कदम के बाद अब खुदरा बाजारों में लोगों को केवल 35 रुपये प्रति किलोग्राम की किफायती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा। पिछले कुछ हफ्तों से देश के कई बड़े शहरों में प्याज के दाम 55 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया था। इस नई व्यवस्था के जरिए सरकार बढ़ती महंगाई पर लगाम कसने की पूरी तैयारी में है।

क्या है 'कांदा एक्सप्रेस' और कैसे पहुंचेगा सस्ता प्याज?

प्याज की सप्लाई चेन को मजबूत करने और लंबी दूरी तय करने वाले परिवहन को तेज व सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन की पहल को और व्यापक रूप दिया है। रेलवे रैक के जरिए महाराष्ट्र के सरकारी बफर स्टॉक से भारी मात्रा में प्याज सीधे बड़े खपत केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, इस ट्रेन के जरिए हजारों टन प्याज दिल्ली समेत देश के अन्य प्रमुख शहरों में भेजा गया है। शुरुआती चरण में इस विशेष आपूर्ति का लाभ दिल्ली-एनसीआर के अलावा चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे शहरों के उपभोक्ताओं को मिल रहा है, जिसे बाद में मांग के आधार पर अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जाएगा।

सरकारी एजेंसियों के जरिए रियायती दरों पर बिक्री

बाजार में जमाखोरी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने अपने रणनीतिक बफर स्टॉक को खुले बाजार में उतार दिया है। राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) और राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) जैसी सरकारी एजेंसियां इस काम की कमान संभाले हुए हैं। दिल्ली और आसपास के इलाकों में एनसीसीएफ के मोबाइल वैन, खुदरा आउटलेट्स और चुनिंदा 'भारत ब्रांड' की दुकानों (कुल मिलाकर लगभग 115 से अधिक केंद्रों) के माध्यम से उपभोक्ताओं को केवल 35 रुपये प्रति किलो के फिक्स रेट पर प्याज बेचा जा रहा है। सरकार के इस कदम से खुदरा बाजारों में मुनाफाखोरों द्वारा वसूले जा रहे मनमाने दामों पर स्वतः लगाम लगेगी।

त्योहारी सीजन में आम जनता को बड़ी राहत

हर साल अगस्त और सितंबर के महीनों में नए खरीफ फसल के आने से पहले पुराने रबी स्टॉक के कम होने और सप्लाई चेन में रुकावट आने के कारण प्याज के दाम तेजी से उछलते हैं। इस बार भी मौसम की अनिश्चितता और मंडियों में आवक घटने की वजह से कीमतों में अचानक भारी तेजी देखने को मिली थी। हालांकि, सरकार के पास पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है और समय रहते 'कांदा एक्सप्रेस' के संचालन से यह सुनिश्चित कर दिया गया है कि आगामी त्योहारी सीजन के दौरान आम आदमी की थाली से प्याज गायब न हो। जानकारों का मानना है कि इस सरकारी हस्तक्षेप के बाद खुदरा कीमतों में जल्द ही बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी।