दिल्ली में 2028 से बंद होगा पेट्रोल-बाइक का रजिस्ट्रेशन! जानें क्या है नई EV पॉलिसी का पूरा सच

दिल्ली में 2028 से बंद होगा पेट्रोल-बाइक का रजिस्ट्रेशन! जानें क्या है नई EV पॉलिसी का पूरा सच

दिल्ली सरकार ने शहर के वायु प्रदूषण को कम करने और 'ग्रीन मोबिलिटी' को बढ़ावा देने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी 'इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026' को मंजूरी दे दी है। 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली इस नीति का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो भविष्य में टू-व्हीलर खरीदने की योजना बना रहे हैं।

दिल्ली में टू-व्हीलर का भविष्य: 2028 के बाद बड़ा बदलाव

नई EV पॉलिसी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार कर लिया है:

  • नई डेडलाइन: 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में किसी भी नए पेट्रोल या सीएनजी टू-व्हीलर (बाइक और स्कूटर) का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।

  • इसका क्या मतलब है? इस तारीख के बाद, यदि आप दिल्ली में नया टू-व्हीलर खरीदना चाहते हैं, तो आपके पास केवल 'इलेक्ट्रिक' का ही एकमात्र विकल्प बचेगा।

  • मौजूदा वाहन मालिकों के लिए राहत: यदि आपके पास पहले से पेट्रोल या सीएनजी बाइक/स्कूटर है, तो घबराने की कोई बात नहीं है। यह नियम केवल 'नए' रजिस्ट्रेशन पर लागू होगा। पुरानी गाड़ियां अपने तय समय तक पहले की तरह सड़कों पर दौड़ती रहेंगी।

ऑटो-रिक्शा के लिए नियम

तीन पहिया वाहनों (ऑटो) के लिए यह बदलाव और भी जल्दी लागू हो रहा है। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा।

सरकार दे रही है मोटी सब्सिडी

ईवी अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली सरकार आर्थिक मदद भी दे रही है:

  • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: खरीदने पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी।

  • इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर: खरीदने पर 50,000 रुपये तक की सब्सिडी।

  • स्क्रैपिंग इंसेंटिव: यदि आप अपनी पुरानी BS-IV कार को स्क्रैप करवाकर नई इलेक्ट्रिक कार लेते हैं, तो आपको 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव मिलेगा।

हाइब्रिड वाहनों पर कोई छूट नहीं

इस नई पॉलिसी की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि हाइब्रिड वाहनों को सब्सिडी के दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार का मानना है कि प्रदूषण कम करने का सबसे प्रभावी तरीका पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना है, इसलिए हाइब्रिड गाड़ियों के लिए कोई रियायत नहीं दी गई है।

निवेश और रोजगार के नए अवसर

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पॉलिसी के जरिए अगले 4 वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। इससे दिल्ली में चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाया जाएगा, जिससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में हजारों नए रोजगार भी पैदा होंगे।