मिलावटखोरों पर तुकाराम मुंढे का कड़ा एक्शन, किचन में घूमते मिले कॉकरोच और मक्खियां; मैकडॉनल्ड्स समेत कई रेस्टोरेंट के लाइसेंस सस्पेंड
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर और अपने सख्त प्रशासनिक तेवर के लिए पहचाने जाने वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) का हंटर एक बार फिर मिलावटखोरों और साफ-सफाई के नियमों को ताक पर रखने वाले बड़े फूड ब्रांड्स पर चला है। राज्य में चलाए जा रहे विशेष छापेमारी अभियान के दौरान नामी-गिरामी रेस्टोरेंट्स, क्लब्स और फास्ट-फूड चेन के किचनों की असलियत सामने आ गई है। निरीक्षण के दौरान भारी अनियमितताएं मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मुंबई के कोलाबा स्थित मैकडॉनल्ड्स (McDonald's) और ऐतिहासिक 'द बॉम्बे प्रेसिडेंट रेडियो क्लब' सहित कई प्रमुख प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। इस सख्त कार्रवाई से पूरे होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है।
किचन में मिले जिंदा कॉकरोच और मक्खियों का जमावड़ा
एफडीए की टीमों द्वारा मुंबई और आसपास के इलाकों में की गई औचक छापेमारी के दौरान किचनों की बेहद डरावनी तस्वीरें सामने आईं। कोलाबा स्थित मैकडॉनल्ड्स के आउटलेट पर जब अधिकारियों ने जांच की, तो वहां सुरक्षा मानकों की भारी धज्जियां उड़ती हुई मिलीं। निरीक्षण के दौरान किचन में जिंदा कॉकरोच रेंगते हुए पाए गए और कीड़ों से बचाव के लिए कोई उचित ट्रैप नहीं लगा था। इसके अलावा, कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता के नियमों को दरकिनार कर गंदे कपड़ों और जूतों को छूने के बाद बिना हाथ धोए सीधे खाने-पीने की चीजों को संभाला जा रहा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ग्राहकों को असली पनीर और चीज के नाम पर परोसे जाने वाले व्यंजनों में कथित तौर पर गैर-डेयरी प्रोसेसड विकल्प ('GO Cheese Sauce') का इस्तेमाल किया जा रहा था।
ऐतिहासिक रेडियो क्लब और अन्य बड़े नाम भी आए चपेट में
सिर्फ मैकडॉनल्ड्स ही नहीं, बल्कि दक्षिण मुंबई के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक 'द बॉम्बे प्रेसिडेंट रेडियो क्लब' (The Bombay Presidency Radio Club) के किचन में भी भारी अनियमितताएं पाई गईं। यहां फूड सेफ्टी और हाइजीन के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा था। किचन एरिया में मक्खियों का भारी जमावड़ा मिला और बर्तनों को धोने वाली जगह के पास मरा हुआ कॉकरोच पाया गया। इतना ही नहीं, खाना पकाने वाली जगह के ठीक ऊपर छत का प्लास्टर और पेंट झड़ रहा था, जिससे खाने में सीलन और गंदगी गिरने का बड़ा खतरा था। इसके अलावा अन्य रेस्टोरेंट्स और प्रतिष्ठानों पर भी प्रशासनिक गाज गिरी है, जहां साफ-सफाई के स्तर बेहद खराब पाए गए थे।
तुकाराम मुंढे की जीरो-टॉलरेंस नीति से सुधर रहे हैं हालात
जब से आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने एफडीए कमिश्नर का पद संभाला है, तब से राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उनकी इस पेनिट्रेटिंग और जीरो-टॉलरेंस कार्यशैली के कारण अब आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले रेस्टोरेंट मालिकों में खौफ देखा जा रहा है। एफडीए अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ये सभी संस्थान तय किए गए सभी हेल्थ और हाइजीन मानकों को पूरी तरह से पूरा नहीं कर लेते और विभाग द्वारा दोबारा इनका संतोषजनक निरीक्षण नहीं किया जाता, तब तक इनमें किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री तैयार करने या बेचने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।