अपनी ही निधि से बनवाया मंदिर, और फिर उसी दलित विधायक को पूजा करने से रोका! यूपी की सियासत में भूचाल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की महिला विधायक जय देवी कौशल के साथ जातिगत भेदभाव का गंभीर मामला सामने आया है। विधायक के अपने ही क्षेत्र में जिस मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए लाखों रुपये की राशि स्वीकृत कराई गई थी, उसी मंदिर में उन्हें कथित तौर पर पूजा करने और आरती करने से रोक दिया गया। इस घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और यह मामला पार्टी के उच्च स्तर तक पहुंच गया है।
विधायक ने बयां किया दर्द, कहा- जातिगत भेदभाव के कारण रोका गया
काकोरी सीट से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने पूरी घटना पर दुख जताते हुए बताया कि लंबे समय से मंदिर के उद्घाटन और पूजन का कार्यक्रम टल रहा था। जब उन्होंने समय दिया तो कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। विधायक जब मौके पर पहुंचीं तो वहां मंडल अध्यक्ष समेत पार्टी के कई पदाधिकारी भी मौजूद थे।
विधायक का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उन्हें न तो खुद से पूजा करने दी गई और न ही आरती करने का अधिकार दिया गया। एक पंडित ने पांच ईंटें रखकर सारा अनुष्ठान पूरा कर लिया, जबकि वह सिर्फ चुपचाप खड़ी देखती रह गईं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके साथ यह अपमानजनक सलूक केवल जातिगत भेदभाव के कारण किया गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर भी हुए नाराज, आलाकमान तक शिकायत की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधायक जय देवी कौशल के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर भी इस घटना से बेहद आहत और नाराज हैं। कौशल किशोर ने जानकारी दी कि काकोरी के इस शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के लिए विधायक ने अपनी निधि से लगभग 78 लाख रुपये स्वीकृत कराए थे। इसके अलावा क्षेत्र के एक अन्य मंदिर के निर्माण कार्य के लिए भी लगभग 70 लाख रुपये पास कराए गए थे, जहां शिलान्यास और भूमिपूजन होना था। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर पर अपना एकाधिकार बना रखा है और उन्हीं लोगों की जिद के कारण विधायक को पूजा-पाठ से वंचित किया गया। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में ऐसा भेदभाव कदापि स्वीकार्य नहीं है और इस पूरे प्रकरण की विस्तृत शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व आलाकमान को पत्र लिखकर की जाएगी।