भारत-नेपाल बॉर्डर पर बड़ा एक्शन: स्मैक के साथ कुख्यात 'लेडी तस्कर' गिरफ्तार,नेटवर्क पर करारा प्रहार!
भारत और नेपाल की खुली अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का फायदा उठाकर देश की युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार में धकेलने वाले आपराधिक सिंडिकेट्स और ड्रग माफियाओं के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा के पास एसएसबी (SSB) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक शातिर और कुख्यात 'लेडी तस्कर' को धर दबोचा गया है, जिसके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 35 लाख रुपये मूल्य की उच्च कोटि की स्मैक बरामद की गई है। सीमावर्ती इलाकों में लगातार सक्रिय रहने वाले इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस की इस बड़ी कामयाबी को एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। सुरक्षाबलों की इस मुस्तैदी से न केवल तस्करों के मंसूबों पर पानी फिरा है, बल्कि सीमा पार से संचालित होने वाले अवैध नशीले पदार्थों के इस खतरनाक नेटवर्क की गहरी जड़ों तक पहुंचने के लिए अब कई नए खुलासे होने की भी पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षाबलों की सख्त चौकसी और खुफिया इनपुट
भारत-नेपाल सीमा अपनी संवेदनशीलता और खुली आवाजाही के कारण अक्सर तस्करों और असामाजिक तत्वों के निशाने पर रहती है। पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों को लगातार यह खुफिया इनपुट मिल रहे थे कि कुछ शातिर तस्कर नेपाल के रास्ते भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ यानी स्मैक और हेरोइन भारतीय सीमा में खपाने के लिए ला रहे हैं। इसी इनपुट को आधार बनाते हुए सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों और स्थानीय पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बॉर्डर के संवेदनशील रास्तों पर विशेष चेकिंग अभियान चला रखा था। हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन तलाशी ली जा रही थी, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध तस्करी को समय रहते रोका जा सके। इसी कड़ी में सुरक्षाबलों को उस समय एक बड़ी सफलता हाथ लगी जब एक महिला तस्कर संदिग्ध परिस्थितियों में बॉर्डर पार करने की कोशिश करती हुई पकड़ी गई।
शातिर महिला तस्कर की चालाकी धरी की धरी रह गई
सीमा चौकी के पास जब सुरक्षाबलों ने चेकिंग के दौरान इस महिला को रोका, तो उसकी गतिविधियां बेहद संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस और महिला कर्मियों ने जब उसके पास मौजूद सामान और उसकी शारीरिक तलाशी ली, तो उनके भी होश उड़ गए। महिला ने बहुत ही शातिर तरीके से अपने कपड़ों और गुप्त खानों में छुपाकर स्मैक के पैकेट रखे हुए थे ताकि किसी को शक न हो सके। लेकिन सुरक्षाबलों के कड़े अनुभव और पेशेवर अंदाज के आगे उस शातिर महिला की यह चालाकी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। जब उन पैकेटों की विधिवत जांच की गई तो उसमें से उच्च गुणवत्ता की स्मैक बरामद हुई, जिसका वजन और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य आंकने पर यह लगभग 35 लाख रुपये की आंकी गई। पुलिस ने तुरंत महिला को हिरासत में ले लिया और उसे थाने लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पूछताछ में हुए कई बड़े खुलासे, ड्रग्स सिंडिकेट के अन्य चेहरों की तलाश तेज
गिरफ्तार की गई कुख्यात 'लेडी तस्कर' से जब पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने गहन पूछताछ की, तो इस अवैध कारोबार से जुड़े कई चौंकाने वाले और गहरे राज़ बाहर आने लगे। शुरुआती पूछताछ में महिला ने यह स्वीकार किया कि वह इस तस्करी के नेटवर्क में केवल एक मोहरा मात्र है, और उसके पीछे उत्तर प्रदेश, बिहार तथा नेपाल के कई बड़े ड्रग तस्कर सक्रिय हैं। यह सिंडिकेट बेरोजगार युवाओं, कॉलेज के छात्रों और कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की चाह रखने वाले लोगों को अपना मुख्य निशाना बनाता था। महिला तस्कर के पास से बरामद मोबाइल फोन और कॉलिंग डिटेल्स के आधार पर पुलिस उन तमाम स्थानीय और अंतरराज्यीय लिंकों को खंगाल रही है, जो इस अवैध खेप को रिसीव करने वाले थे। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े तस्करों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सकता है।
युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति
देश के सीमावर्ती राज्यों में नशीले पदार्थों की तस्करी का बढ़ता जाल आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जिसे रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरी तरह से 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही हैं। युवाओं के भविष्य को बर्बाद होने से बचाने के लिए पुलिस लगातार न सिर्फ छोटे पैडलर्स बल्कि इस काले कारोबार के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चला रही है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर हुई इस 35 लाख रुपये की स्मैक की बड़ी बरामदगी और लेडी तस्कर की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा एजेंसियां देश की आंतरिक सुरक्षा और युवाओं के स्वास्थ्य को लेकर कितनी सतर्क हैं। इस सफल कार्रवाई के लिए स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी सुरक्षाबलों की पूरी टीम की जमकर सराहना की है और उम्मीद जताई है कि नशे के इस नासूर को जड़ से खत्म करने के लिए यह अभियान आगे भी इसी कड़ाई के साथ जारी रहेगा।