उत्तरकाशी और बागेश्वर समेत इन जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

उत्तरकाशी और बागेश्वर समेत इन जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

देवभूमि उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है और झमाझम बारिश का दौर लगातार बना हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं के कारण जनजीवन खासा प्रभावित नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, उत्तराखंड के उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली और रुद्रप्रयाग समेत कई प्रमुख जिलों में मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सितंबर के महीने में ही अक्टूबर जैसी ठंड का अहसास होने लगा है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम की बेरुखी और भूस्खलन (Landslide) के खतरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने और पूरी सावधानी बरतने की सलाह लगातार दी जा रही है। आइए जानते हैं उत्तराखंड के कोने-कोने से मौसम की ताजा और विस्तृत अपडेट।

उत्तरकाशी और बागेश्वर में मंडरा रहा खतरा: झमाझम बारिश और चमक-धमक के साथ बिगड़े हालात

उत्तराखंड के उत्तर और पूर्वी छोर पर स्थित पहाड़ी जिलों में बादलों ने डेरा डाल रखा है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तरकाशी और बागेश्वर जिलों में पिछले कुछ घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार पानी बरसने के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आने लगी हैं, जिससे कई अंदरूनी संपर्क मार्ग और ग्रामीण सड़कें मलबे की चपेट में आकर बंद हो चुकी हैं। जिला प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीनें लगाकर रास्तों को साफ करने का काम तेजी से किया जा रहा है, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। स्थानीय निवासियों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और नदियों-नालों के आसपास जाने से सख्त परहेज करने की हिदायत दी गई है, क्योंकि उफान पर चल रहे जलस्त्रोत कभी भी खतरनाक रूप ले सकते हैं।

तापमान में आई 5 डिग्री तक की भारी गिरावट: 14 साल बाद सितंबर महीने की रातें हुई इतनी सर्द

मैदान से लेकर पहाड़ तक लगातार बरस रहे बादलों और ठंडी हवाओं के थपेड़ों ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। राजधानी देहरादून समेत कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है। मौसम विशेषज्ञों के आंकड़ों के अनुसार, पिछले लगभग 14 सालों में ऐसा पहली बार देखा गया है कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में इतनी अधिक ठंड महसूस हो रही है। स्थिति यह हो गई है कि लोगों को रात के समय पंखे और एसी बंद करके चादर और हल्के कंबल निकालने पड़ गए हैं। पहाड़ी पर्यटन स्थलों जैसे मुक्तेश्वर, नई टिहरी और मसूरी में दिन का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है।

चारधाम यात्रा और यातायात पर मौसम की मार: भूस्खलन के कारण कई जगह रोके गए तीर्थयात्री

पर्वतीय राज्यों में सक्रिय हुए इस नए वेदर सिस्टम का सीधा असर प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के पैदल मार्गों और मोटर मार्गों पर लगातार बारिश के कारण जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कई संवेदनशील प्वाइंट्स पर यात्रियों को सुरक्षित रोक लिया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। केदारनाथ मार्ग पर कई स्थानों पर यात्रा कुछ समय के लिए बाधित हुई है, जिसे मौसम सुधरने के बाद दोबारा सुचारू किया जा रहा है। शासन-प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग की लेटेस्ट एडवाइजरी जरूर चेक कर लें और बिना पूरी तैयारी के जोखिमभरे रास्तों पर आगे बढ़ने से बचें।

अगले कुछ दिनों तक कैसा रहेगा उत्तराखंड का मौसम: जानिए IMD का पूर्वानुमान और जरूरी दिशा-निर्देश

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में बारिश और बादलों की यह लुकाछिपी का खेल अभी कुछ दिनों तक और जारी रहने की संभावना है। हालांकि कुछ मैदानी इलाकों में बीच-बीच में धूप खिल सकती है, लेकिन पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला बना रहेगा। सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। यदि आप भी आने वाले दिनों में उत्तराखंड घूमने या किसी कार्य से आने का प्लान बना रहे हैं, तो अपने साथ गर्म कपड़े जरूर रखें और मौसम के ताजा अपडेट पर कड़ी नजर बनाए रखें।