उर्मिला सनावर पर एक और मुकदमा, जेल के बाद नया एक्शन
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की राजनीति तथा मीडिया गलियारों में इन दिनों सनसनी फैलाने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। चर्चित अभिनेत्री उर्मिला सनावर एक बार फिर से गंभीर कानूनी शिकंजे में फंस चुकी हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो प्रकरण और वीआईपी के नाम के खुलासे के बाद सुर्खियों में आई उर्मिला सनावर को हरिद्वार पुलिस ने एक नए और संगीन मामले में गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है। अभिनेत्री पर सोशल मीडिया के जरिए मानहानि करने, व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी के बाद से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भूचाल आ गया है, और पुलिस इस मामले के हर एक पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है।
पूर्व विधायक की बेटी की शिकायत पर हरिद्वार पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई
यह पूरा नया मामला तब प्रकाश में आया जब पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पुत्री दीपिका राठौर ने हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली में उर्मिला सनावर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया कि अभिनेत्री द्वारा लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक, अश्लील और मानहानिकारक टिप्पणियां पोस्ट की जा रही हैं। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप था कि उर्मिला ने व्हाट्सएप कॉल्स के जरिए न सिर्फ भारी-भरकम पैसों की मांग की, बल्कि मांग पूरी न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां भी दीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से अभिनेत्री को हिरासत में ले लिया गया।
सीबीआई कोर्ट में पेशी से ठीक पहले गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
इस पूरी कार्रवाई का सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि उर्मिला सनावर की यह गिरफ्तारी ठीक उस समय हुई जब अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामलों को लेकर उनकी सीबीआई कोर्ट में पेशी होने वाली थी। पिछले कुछ दिनों से उर्मिला अंकिता हत्याकांड के सिलसिले में सामने आए कुछ ऑडियो और कथित वीआईपी के नामों को लेकर लगातार चर्चा के केंद्र में बनी हुई थीं। अदालत में उन्हें नार्को टेस्ट को लेकर अपनी सहमति या असहमति दर्ज करानी थी। लेकिन कोर्ट में पेश होने से महज एक दिन पहले पुलिस द्वारा रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के मामले में की गई इस दबिश ने पूरे घटनाक्रम को एक बिल्कुल नया मोड़ दे दिया है। पुलिस ने आरोपी अभिनेत्री के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।
कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत, मामले की तह तक जाने में जुटी पुलिस
सहारनपुर से गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड पुलिस उर्मिला सनावर को लेकर तुरंत हरिद्वार पहुँची, जहाँ उन्हें स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अभिनेत्री को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के दौरान कई ऐसे डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं जो ब्लैकमेलिंग और धमकियों के इन आरोपों की पुष्टि करते हैं। चूँकि यह मामला एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक पृष्ठभूमि और चर्चित हत्याकांड से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई अन्य बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
लगातार बढ़ते कानूनी शिकंजे से अभिनेत्री की मुश्किलें हुई बेहद गंभीर
उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज हुआ यह नया मुकदमा और उसके बाद हुई जेल की यह यात्रा उनके लिए बड़ी कानूनी मुसीबत बन चुकी है। एक तरफ जहाँ वे पहले से ही संवेदनशील मामलों और ऑडियो टेप विवादों के घेरे में थीं, वहीं अब रंगदारी, धमकी और मानहानि जैसे गंभीर आपराधिक आरोपों ने उनकी स्थिति को और अधिक कमजोर कर दिया है। अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब उनके वकीलों की अगली कानूनी रणनीति पर सबकी नजर टिकी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि कानून का हाथ कितना लंबा होता है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर की जाने वाली गतिविधियों या गैरकानूनी मांगों पर प्रशासन कितनी पैनी नजर बनाए हुए है।