इजरायल की नई संसद में 'यहूदी-इस्लाम सहयोग मॉडल
मध्य पूर्व की जटिल राजनीति और इजरायल के संसदीय इतिहास में एक बेहद दुर्लभ और क्रांतिकारी मोड़ देखने को मिला है। इजरायल की नवनिर्वाचित संसद (नेसेट) में इस बार 'यहूदी-इस्लाम सहयोग' का एक अनूठा मॉडल आकार ले रहा है। देश के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी और पूर्व उप मंत्री योआव सेगालोविट्ज़ (Yoav Segalovitz) इजरायल की प्रमुख अरब-मुस्लिम पार्टी 'राअम' (Ra'am) के टिकट पर संसद सदस्य चुने गए हैं। किसी रूढ़िवादी इस्लामिक जड़ों वाली अरब पार्टी द्वारा एक यहूदी और पूर्व पुलिस अधिकारी को अपनी पार्टी का मुख्य चेहरा बनाकर संसद भेजना इजरायली राजनीति की पुरानी दीवारों को गिराने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल देश के भीतर यहूदी और अरब नागरिकों के बीच की खाई को पाटने का प्रयास है, बल्कि सरकार गठन के भावी समीकरणों को भी पूरी तरह से बदल सकती है।
'हम सब इजरायली हैं': यहूदी अफसर ने अरब पार्टी के मंच से दिया एकता का संदेश
पूर्व पुलिस कमांडर और यहूदी नेता योआव सेगालोविट्ज़ ने 'राअम' पार्टी के नेता मंसूर अब्बास के साथ हाथ मिलाकर इजरायली राजनीति में एक नए युग की शुरुआत की है। चुनावों में पार्टी की ऐतिहासिक सफलता और 8 सीटें हासिल करने के बाद आयोजित जश्न में सेगालोविट्ज़ अकेले ऐसे नेता थे जिन्होंने हिब्रू भाषा में समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा, "कुलानू यिसराइलिम!" (हम सब इजरायली हैं)। सेगालोविट्ज़ ने स्पष्ट किया कि उनकी और मंसूर अब्बास की यह साझेदारी मजहबी और नस्लीय सीमाओं से परे हटकर एक साझा समाज के निर्माण के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह इजरायल के अस्पतालों में यहूदी, मुस्लिम, द्रूज और ईसाई डॉक्टर एक साथ मिलकर काम करते हैं, ठीक उसी तरह राजनीति में भी मिलकर काम करने का वक्त आ गया है।
पूर्व पुलिस अफसर को अरब पार्टी में शामिल करने के रणनीतिक मायने
योआव सेगालोविट्ज़ इजरायल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश में अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बड़े अभियानों का नेतृत्व किया है। इजरायल के अरब बहुल समुदायों में पिछले कुछ सालों से अपराध और असुरक्षा का माहौल एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है। राअम पार्टी के अध्यक्ष मंसूर अब्बास ने सेगालोविट्ज़ के विशाल प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें अपनी पार्टी की सूची में दूसरे नंबर पर जगह दी। पार्टी का मानना है कि एक पूर्व पुलिस अफसर के आने से अरब बस्तियों में फैली अराजकता और हिंसा से निपटने में ठोस मदद मिलेगी। इसके अलावा, एक यहूदी चेहरे को शामिल करके राअम ने खुद को एक ऐसी मुख्यधारा की राजनीतिक शक्ति के रूप में पेश किया है जो केवल विरोध करने के बजाय शासन में भागीदारी चाहती है।
दक्षिणपंथी धड़े में हड़कंप और 'तख्तापलट' जैसे आरोप
इस ऐतिहासिक गठबंधन और 'यहूदी-इस्लाम सहयोग मॉडल' के सामने आते ही इजरायल के कट्टरपंथियों और दक्षिणपंथी दलों में हड़कंप मच गया है। निवर्तमान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थकों और दक्षिणपंथी गुटों ने योआव सेगालोविट्ज़ के इस कदम की तीखी आलोचना की है। विरोधियों का आरोप है कि एक यहूदी नेता का इस्लामिक पृष्ठभूमि वाली पार्टी के साथ जाना इजरायल की राष्ट्रीय पहचान के साथ समझौता करने जैसा है। दक्षिणपंथी विचारकों का कहना है कि यह गठबंधन देश में शरीयत और इस्लामिक प्रभाव को बढ़ावा देगा। हालांकि, सेगालोविट्ज़ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चरमपंथियों द्वारा फैलाए जाने वाले डर के बजाय उम्मीद और सहयोग की राजनीति जीतनी चाहिए।
इजरायल की नई सरकार के गठन में क्या होगी इस मॉडल की भूमिका
इजरायल की 120 सीटों वाली संसद में किसी भी गुट को स्पष्ट बहुमत न मिलने की स्थिति में राअम पार्टी एक बार फिर 'किंगमेकर' की भूमिका में आ गई है। 10 नवंबर को नवनिर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के साथ ही नई सरकार बनाने की जोर-आमाइश तेज हो जाएगी। मंसूर अब्बास और योआव सेगालोविट्ज़ ने साफ कर दिया है कि वे केवल विपक्ष में बैठने के लिए चुनाव नहीं लड़े हैं, बल्कि वे भावी गठबंधन सरकार का हिस्सा बनकर नीतियों को प्रभावित करना चाहते हैं। अगर राअम पार्टी नई सरकार में शामिल होती है, तो यह इजरायल के इतिहास में पहला मौका होगा जब एक यहूदी सांसद अपनी ही अरब पार्टी के प्रतिनिधि के तौर पर कैबिनेट मंत्री का पद संभालेगा।