700 साल पुराने चर्च के लिए फरिश्ता बना कोई अजनबी: अलमारी और वेदी के नीचे मिले सोने के सिक्के, बची ब्रिटेन की ऐतिहासिक धरोहर

700 साल पुराने चर्च के लिए फरिश्ता बना कोई अजनबी: अलमारी और वेदी के नीचे मिले सोने के सिक्के, बची ब्रिटेन की ऐतिहासिक धरोहर

ब्रिटेन (UK) के लंकाशायर (Lancashire) से एक बेहद हैरान कर देने वाली और दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है। यहां का एक 700 साल पुराना ऐतिहासिक चर्च पैसों की तंगी और भारी-भरकम मरम्मत खर्च के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच चुका था, लेकिन ऐन वक्त पर एक अजनबी का ऐसा 'चुपके से किया गया दान' सामने आया जिसने इस प्राचीन विरासत को हमेशा के लिए बंद होने से बचा लिया। इस चमत्कारी घटना की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है। आइए जानते हैं कि इस रहस्यमयी दान की पूरी कहानी क्या है।

बंद होने की कगार पर था ऐतिहासिक सेंट विल्फ्रेड चर्च

लंकाशायर के मेलिंग (Melling) इलाके में स्थित सेंट विल्फ्रेड चर्च (St Wilfrid's Church) ब्रिटेन की एक बेहद प्राचीन और ग्रेड-I सूचीबद्ध (Grade I Listed) ऐतिहासिक इमारत है, जिसका इतिहास लगभग 700 साल पुराना है। इस चर्च की छत और अन्य हिस्सों की मरम्मत के लिए करीब 7.5 लाख पाउंड (लगभग 7.5 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि की आवश्यकता थी। चर्च की देखरेख करने वाली छोटी सी टीम और सीमित संख्या में बचे श्रद्धालुओं के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना असंभव साबित हो रहा था। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी थी कि चर्च प्रशासन ने इस प्राचीन इमारत के दरवाजे हमेशा के लिए बंद करने और अपनी आखिरी प्रार्थना सभा की तैयारियां शुरू कर दी थीं।

वेदी के नीचे प्लास्टिक बैग में मिला अनमोल खजाना

चर्च के बंद होने से ठीक पहले, गुड फ्राइडे (Good Friday) के मौके पर चर्च की रीवरेंड जेन ली (Reverend Jane Lee) और एक अन्य पादरी जब सुबह की प्रार्थना की तैयारी कर रहे थे, तब उनकी नजर वेदी (Altar) और वेडिंग नीलर के पास रखे एक संदिग्ध प्लास्टिक बैग पर पड़ी। जब उन्होंने उस बैग को खोलकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। उसके अंदर एक छोटा सा डिब्बा था, जिसमें 9 चमचमाते सोने के सिक्के (Gold Britannia Coins) रखे हुए थे। इन सिक्कों के साथ एक हाथ से लिखा हुआ नोट भी मौजूद था। रीवरेंड जेन ली ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उस खजाने को देखते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए थे, क्योंकि यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

क्या लिखा था उस रहस्यमयी नोट में और कौन है 'जेम्स'?

सोने के उन सिक्कों के साथ मिले नोट पर तारीख 16 जुलाई 2022 दर्ज थी। वह नोट सैलवेशन आर्मी (Salvation Army) के लेटरपैड पर लिखा गया था, जिस पर साधारण शब्दों में लिखा था— "नमस्ते, मैं ये नौ गोल्ड ब्रिटानिया सिक्के मेलिंग चर्च को दान करना चाहता हूँ।" इस संदेश के नीचे हस्ताक्षर में केवल "जेम्स, द जीविंग गॉड का सेवक" (James, servant of the Living God) लिखा हुआ था।

चर्च के अधिकारियों और पुलिस ने जब इसकी जांच की, तो पता चला कि यह अकेला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस इलाके के कम से कम तीन अन्य चर्चों और एक स्थानीय स्कूल में भी इसी तरह से चुपचाप सोने और चांदी के सिक्के छोड़े गए थे। हालांकि, आज तक यह पता नहीं चल पाया है कि यह 'आधुनिक रॉबिन हुड' या 'जेम्स' नाम का शख्स असल में कौन है।

सोने के सिक्कों की बिक्री से जुटाए गए 30,000 पाउंड

ब्रिटिश रॉयल मिंट द्वारा जारी किए गए ये शुद्ध सोने के 'ब्रिटानिया सिक्के' बहुत मूल्यवान होते हैं। जब चर्च प्रशासन ने इन नौ सिक्कों को बाजार में बेचा, तो इससे लगभग 30,000 पाउंड (भारतीय मुद्रा में करीब 33 लाख रुपये) की राशि प्राप्त हुई। हालांकि यह रकम कुल मरम्मत के खर्च का एक छोटा हिस्सा है, लेकिन इस अप्रत्याशित मदद ने चर्च को नया जीवन दे दिया है। रीवरेंड जेन ली का कहना है कि यह पैसा उनके लिए एक 'सीड मनी' (शुरुआती फंड) की तरह है, जिसकी मदद से अब वे बड़े सरकारी और हेरिटेज ग्रांट के लिए आसानी से आवेदन कर पा रहे हैं। इस अनोखी घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोग भी अपनी इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए आगे आ गए हैं।