इबादत के नाम परवान चढ़ा खौफनाक अंधविश्वास: नमाज न पढ़ने पर दादा ने पत्नी और बहू पर बोला चॉपर से हमला
देश के एक हिस्से से पारिवारिक रिश्तों, इंसानियत और संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी भी इंसान की रूह कांप जाएगी। मजहब, इबादत और आस्था के नाम पर फैले एक भयानक अंधविश्वास और सनक के चलते एक बुजुर्ग दादा इस कदर अंधा हो गया कि उसने अपने ही घर को खून से लाल कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घर के मुखिया यानी दादा को इस बात से شدید नाराजगी थी कि उसके परिवार के सदस्य उसकी मर्जी के मुताबिक ठीक से नमाज नहीं पढ़ रहे थे। इसी बात को लेकर घर में शुरू हुआ मामूली विवाद कुछ ही पलों में इतने खूनी संघर्ष में बदल गया कि उस बुजुर्ग ने हाथ में एक तेजधार हथियार यानी चॉपर उठा लिया और अपनी ही पत्नी, बहू तथा मासूम पोतों पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। इस जघन्य और अंधेरगर्दी भरे हमले में दो मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पत्नी और बहू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों के बीच भारी गुस्सा और दहशत का माहौल है।
नमाज और इबादत के विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी बुजुर्ग पिछले कुछ समय से धार्मिक कट्टरता और अपने ही बनाए उसूलों को परिवार पर थोपने की जिद पर अड़ा हुआ था। घटना वाले दिन घर के अंदर इसी बात को लेकर तीखी बहस छिड़ गई कि परिवार के लोग उसकी इच्छा के अनुसार समय पर नमाज अदा नहीं कर रहे थे। आरोपी दादा इस बात से इतना ज्यादा आगबबूला हो गया कि उसने गुस्से में अपना मानसिक संतुलन खो दिया और घर में रखे एक खतरनाक चॉपर (मांस काटने वाला हथियार) को उठा लाया। उसने सबसे पहले घर की महिलाओं यानी अपनी पत्नी और बहू पर हमला बोल दिया, ताकि उन्हें अपनी बात मनवाने के लिए डराया जा सके। जब घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने हिंसा का ऐसा तांडव मचाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
बीच-बचाव करने आए दो मासूम पोतों को भी नहीं बख्शा
इस खौफनाक हमले का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जब आरोपी अपनी ही पत्नी और बहू पर चॉपर से वार कर रहा था, तब घर में मौजूद उसके छोटे-छोटे मासूम पोते अपनी मां और दादी को बचाने के लिए बीच-बचाव करने दौड़े। लेकिन वहशी बन चुके दादा ने यह भी नहीं देखा कि वे उसके अपने ही जिगर के टुकड़े हैं। उसने गुस्से में अंधे होकर उन दोनों मासूम पोतों पर भी ताबड़तोड़ चॉपर से वार कर दिए। इस brutal हमले में दोनों बच्चों को गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घर के भीतर दो मासूमों की इस तरह से हुई बेरहमी से हत्या ने वहां मौजूद हर शख्स को हिला कर रख दिया। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के पड़ोसी इकट्ठा हुए और उन्होंने घर के अंदर का खौफनाक मंजर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने खून से लथपथ दोनों मासूमों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी और बहू को तत्काल प्रभाव से नजदीकी सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी दादा को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से वह हत्या में इस्तेमाल किया गया चॉपर भी बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित था या फिर इस सनक के पीछे कोई अन्य गहरी वजह थी।
समाज और परिवार के लिए एक गंभीर चेतावनी
यह दर्दनाक घटना इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि जब घर के भीतर अंधविश्वास, कट्टरता और अहंकार अपनी सीमाएं पार कर जाते हैं, तो किस तरह अपने ही परिवार के लोग काल के गाल में समा जाते हैं। एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा इबादत और धर्म के नाम पर अपने ही खून को इस तरह मौत के घाट उतार देना पूरे समाज के लिए एक गहरी आत्ममंथन का विषय है। इस घटना के बाद से पूरे गांव और मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है तथा हर कोई यही कह रहा है कि जिस छत के नीचे बच्चों की किलकारियां गूंजनी चाहिए थीं, वहां एक सनकी बुजुर्ग की जिद ने पूरे परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ कर रख दिया। पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा रही है और यह सुनिश्चित करने की बात कह रही है कि आरोपी को इस अमानवीय कृत्य के लिए कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।