ढाका के गोल्फ कोर्स पर दिखी अनोखी 'गोल्फ डिप्लोमेसी
दक्षिण एशियाई कूटनीति के पटल पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका से एक बेहद दिलचस्प और चकित करने वाली तस्वीर सामने आई है। कूटनीति की दुनिया में जहां अमूमन औपचारिक मेजों, बंद कमरों और विदेश मंत्रालयों के कड़े प्रोटोकॉल के बीच बातचीत होती है, वहीं ढाका में भारत और पाकिस्तान के शीर्ष प्रतिनिधियों की एक अनौपचारिक और दोस्ताना मुलाकात ने सबका ध्यान खींच लिया है। ढाका स्थित कुर्मितोला गोल्फ क्लब के हरे-भरे मैदान में बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त और पाकिस्तान के रक्षा अताशे (Defense Attaché) के बीच हुई एक अनौपचारिक भेंट ने वैश्विक राजनयिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की इस 'गोल्फ डिप्लोमेसी' (Golf Diplomacy) को दक्षिण एशिया में तनाव घटाने और अनौपचारिक बातचीत के रास्ते खोलने के रूप में देखा जा रहा है।
ढाका के गोल्फ क्लब में जब आमने-सामने आए भारत और पाकिस्तान के राजनयिक
ढाका के कुर्मितोला गोल्फ क्लब में वीकेंड के दौरान हुए एक खेल आयोजन के दौरान भारतीय उच्चायुक्त और पाकिस्तान के उच्चायोग में तैनात सैन्य व रक्षा अताशे के बीच संक्षिप्त मुलाकात और बातचीत हुई। खेल के मैदान पर हुई इस सहज मुलाकात में दोनों देशों के अधिकारियों ने एक-दूसरे का कुशलक्षेम जाना और खेल से जुड़ी चर्चाएं कीं। हालांकि, दोनों देशों के बीच औपचारिक द्विपक्षीय संबंधों में लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है, लेकिन ढाका में राजनयिक कार्यक्रमों और गोल्फ क्लब जैसे सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की बातचीत को 'सॉफ्ट डिप्लोमेसी' का अहम हिस्सा माना जाता है। कूटनीति के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसे अनौपचारिक संवाद अक्सर बर्फ पिघलाने या बैकचैनल बातचीत के लिए माहौल तैयार करने का काम करते हैं।
दिनेश त्रिवेदी की 'गोल्फ डिप्लोमेसी' की क्यों हो रही है चौतरफा चर्चा
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी अपनी अनूठी और सहज कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार सांस्कृतिक, खेल और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न देशों के राजनयिकों से संबंध स्थापित किए हैं। गोल्फ के मैदान पर पाकिस्तानी अधिकारी के साथ उनकी इस मुलाकात को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विश्लेषकों ने 'गोल्फ डिप्लोमेसी' का नाम दिया है। ऐतिहासिक रूप से भी 'सपोर्ट्स डिप्लोमेसी' (जैसे क्रिकेट या गोल्फ) का इस्तेमाल भारत और पाकिस्तान जैसी प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के बीच संबंधों को सहज बनाने के लिए किया जाता रहा है। यही वजह है कि दिनेश त्रिवेदी की इस पहल की सराहना की जा रही है।
दक्षिण एशियाई कूटनीति पर क्या पड़ेगा इसका असर और एक्सपर्ट्स की राय
बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से बदलते राजनीतिक माहौल के बीच क्षेत्रीय शक्तियों की निगाहें ढाका में होने वाली हर छोटी-बड़ी राजनीतिक और कूटनीतिक गतिविधि पर टिकी हुई हैं। ऐसे में भारतीय उच्चायुक्त और पाकिस्तानी रक्षा अताशे की इस भेंट के कई राजनीतिक और रणनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। विदेश नीति के विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि यह कोई आधिकारिक वार्ता नहीं थी, लेकिन यह दर्शाती है कि बहुपक्षीय और तटस्थ मंचों पर दोनों देशों के प्रतिनिधि शिष्टाचार और संवाद का दायरा बनाए रखते हैं। यह अनौपचारिक मुलाकात इस बात का भी संकेत है कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खेल और संस्कृति हमेशा दूरियां मिटाने का माध्यम बन सकते हैं।