आधी रात को जेल से अस्पताल और फिर तुरंत वापसी: आखिर इमरान खान के साथ क्या छिपा रही है सरकार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर हाल ही में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शुक्रवार तड़के स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच उन्हें इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया। इस पूरी हलचल ने एक बार फिर पाकिस्तान की राजनीति और न्यायपालिका में सरगर्मी बढ़ा दी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अस्पताल ले जाए गए थे इमरान खान
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 73 वर्षीय संस्थापक और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान को भारी सुरक्षा के बीच अडियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल ले जाया गया था।
पीटीआई के प्रवक्ता जुल्फी बुखारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उठाया गया है। साल 2023 से अडियाला जेल में बंद इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर लगातार चिंताएं जताई जा रही थीं, और उनकी पार्टी शुरू से ही उनकी खराब सेहत का हवाला देती रही है।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर लगा विराम
हाल ही में सोशल मीडिया पर कई तरह की अपुष्ट खबरें और दावे वायरल हो रहे थे, जिनमें यहाँ तक कहा गया कि जेल में इमरान खान की मौत हो गई है। इन डरावनी अफवाहों के बीच शुक्रवार को जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो उनके समर्थकों ने राहत की साँस ली। बड़ी संख्या में पीटीआई समर्थक शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए और अपने नेता के समर्थन में नारेबाजी की। समर्थकों का कहना है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद उनका समर्थन इमरान खान के साथ अटूट बना हुआ है।
पाकिस्तानी सरकार का सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका का दांव
एक तरफ जहाँ इमरान खान की पार्टी उनकी सलामती और बेहतर इलाज की माँग पर अड़ी है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सरकार ने अदालत में एक पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश पर फिर से विचार करने का आग्रह किया गया है। प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह का कहना है कि अदालत द्वारा दी गई यह राहत मौजूदा कानून के अनुरूप नहीं है, इसलिए सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार की गुहार लगाई है।
पीटीआई का कड़ा विरोध और सरकार से अपील
पाकिस्तानी सरकार के इस कदम पर पीटीआई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का आरोप है कि इमरान खान की जान को लगातार खतरा है और सरकार को अपनी यह पुनर्विचार याचिका तुरंत वापस लेनी चाहिए। पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने का कोई बहाना नहीं चलना चाहिए तथा इमरान खान को तुरंत बेहतर इलाज के लिए वापस शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।