ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान के झूठ की भारत ने संयुक्त राष्ट्र में निकाली हवा
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झूठ और फरेब की राजनीति करने वाले पाकिस्तान की चालबाजियों का पर्दाफाश करते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर उसकी बोलती बंद कर दी है। भारतीय कूटनीतिज्ञों ने तथाकथित 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठे और मनगढ़ंत जीत के दावों की धज्जियां उड़ाते हुए दुनिया के सामने उसकी असलियत रख दी है। संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े मंच से भारत ने न केवल पाकिस्तान के सैन्य दावों की हवा निकाली, बल्कि वैश्विक आतंकवाद के सरगना और भारत के सबसे बड़े दुश्मन मसूद अजहर के मुद्दे पर भी उसे पूरी तरह से घेर लिया। इस करारे कूटनीतिक जवाब से जिनेवा से लेकर न्यूयॉर्क तक पाकिस्तानी हुक्मरों और वहां के राजनयिकों में हड़कंप मच गया है, और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि दुनिया के सामने अपना कौन सा चेहरा छिपाएं।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश करता भारतीय कूटनीति का कड़ा रुख
पाकिस्तान की आदत रही है कि वह अपनी आंतरिक विफलताओं और सैन्य शर्मिंदगी को छिपाने के लिए हमेशा झूठी कहानियों और काल्पनिक विजय के किस्से गढ़ता रहता है, ताकि वहां की अवाम को मूर्ख बनाया जा सके। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर तमाम तरह के मनगढ़ंत दावे पेश किए थे, जिनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करना और अपनी सेना की नाकामियों पर पर्दा डालना था। लेकिन संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत के अनुभवी और तेज-तर्रार राजनयिकों ने एक-एक तथ्य और सबूत के साथ पाकिस्तान के इन सभी झूठों को सिरे से खारिज कर दिया। भारत ने सबूतों के आधार पर यह साबित कर दिया कि पाकिस्तान किस तरह आतंकवाद को अपनी राजकीय नीति के रूप में इस्तेमाल करता है और अपनी जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे ड्रामे रचता है। भारतीय पक्ष के इस स्पष्ट और आक्रामक जवाब ने पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव की चूलें हिला दीं और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर पूरी तरह से बेनकाब कर दिया।
ग्लोबल आतंकवाद के मसीहा मसूद अजहर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर कसा गया शिकंजा
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी बात रखते हुए केवल सैन्य मामलों तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि आतंकवाद के नासूर पर सीधे पाकिस्तान के जिगर पर वार किया। भारत ने वैश्विक आतंकवादी और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए पूछा कि आखिर पाकिस्तान आज भी ऐसे खूंखार आतंकवादियों को अपनी धरती पर मेहमानों की तरह सुरक्षित पनाह क्यों दे रहा है। दुनिया जानती है कि मसूद अजहर वही खूंखार आतंकी है जो भारत में कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के बावजूद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की सुरक्षा में ऐश की जिंदगी जी रहा है। भारत के इस तीखे सवाल ने संयुक्त राष्ट्र में बैठे अन्य देशों का भी ध्यान आकर्षित किया, जिससे पाकिस्तान के पास इस बात का कोई भी जवाब नहीं बचा कि वह अपनी जमीन से चलने वाली आतंकी फैक्ट्रियों को कब बंद करेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की घटती साख और आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति की जीत
जिस प्रकार से भारत ने संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित मंच पर पाकिस्तान के हर एक झूठ का मुंहतोड़ जवाब दिया है, वह इस बात का सबूत है कि अब नई वैश्विक व्यवस्था में आतंकवाद और झूठ के लिए कोई जगह नहीं बची है। पाकिस्तान अपनी बदहाल अर्थव्यवस्था और आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसकी फितरत में आतंकवाद का समर्थन करना और भारत के खिलाफ जहर उगलना शामिल है। दुनिया के तमाम देश अब पाकिस्तान की इन दोहरी चालों को अच्छी तरह समझ चुके हैं और वे आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख के साथ खड़े नजर आते हैं। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की इस किरकिरी ने यह साबित कर दिया है कि कूटनीतिक मोर्चे पर भारत अब हर उस देश को उसके घर में घुसकर जवाब देने की ताकत रखता है जो क्षेत्रीय शांति को भंग करने की कोशिश करता है। आने वाले समय में पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना बचाव करना और भी अधिक कठिन होता चला जाएगा, क्योंकि भारत की मजबूत कूटनीति उसके हर प्रोपेगेंडा को नेस्तनाबूद करने में पूरी तरह सक्षम है।