गाजा, लेबनान और सीरिया में इजरायल का चक्रव्यूह, यहूदी रक्षामंत्री ने बनाया आर-पार की लड़ाई का मन
पश्चिम एशिया (Middle East) के युद्ध क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। तमाम अंतरराष्ट्रीय दबावों और अमेरिकी युद्धविराम (Ceasefire) की कोशिशों को ठेंगा दिखाते हुए इजरायल ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। इजरायल के नए रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक ऐसा आक्रामक ऐलान किया है जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है।
इजरायल ने साफ कर दिया है कि उसकी डिफेंस फोर्सेज (IDF) अब गाजा, दक्षिणी लेबनान और सीरिया में बनाए गए सुरक्षा क्षेत्रों (Security Zones) से अनिश्चितकाल तक पीछे नहीं हटेंगी। तेल अवीव का यह फैसला बताता है कि अब कूटनीति के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं और इजरायल 'पहले सुरक्षा, फिर बातचीत' की नीति पर अडिग है।
कूटनीति फेल, इजरायल का सख्त रुख और ईरान को 'पूरी ताकत' से कुचलने की खुली चेतावनी
इस फैसले के पीछे इजरायल की वो जिद है जो वो अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा दिखाता आया है। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज का कहना है कि जब तक इजरायली नागरिकों की सुरक्षा की 100% गारंटी नहीं मिलती, तब तक सेना की वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता। इतना ही नहीं, इजरायल ने इस बार सीधे तौर पर ईरान (Iran) और उसके प्रॉक्सी संगठनों को चेतावनी दी है कि अगर इन सुरक्षा क्षेत्रों पर आंख उठाकर भी देखा गया, तो इजरायल अपनी "पूरी ताकत" से पलटवार करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू सरकार के मंत्रियों के ये तेवर नए नहीं हैं। इससे पहले भी बेंजामिन नेतन्याहू और खुद काट्ज पूरे लेबनान को जलाने और दुश्मनों को नक्शे से मिटा देने जैसे कड़े बयान दे चुके हैं। लेकिन इस बार का यह एलान महज बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर इजरायल के एक बहुत बड़े और खतरनाक सैन्य ब्लूप्रिंट (Military Blueprint) का हिस्सा है।