शेख हसीना तख्तापलट के नायक नाहिद इस्लाम के निशाने पर तारिक रहमान
बांग्लादेश की राजनीति में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट करने वाले छात्र आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे और नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने देश में एक नया राजनीतिक बवंडर खड़ा कर दिया है। ढाका के ऐतिहासिक शाहबाग में आयोजित विशाल रैली में हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए नाहिद इस्लाम ने सीधे तौर पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की नई सरकार और प्रधानमंत्री तारिक रहमान पर बेहद कड़े हमले बोले हैं। नाहिद ने आरोप लगाया कि एक तानाशाह को बेदखल करने के बाद अब देश में एक 'नया तानाशाह' उभर रहा है। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए देश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद और ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। नाहिद ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, तो देश के युवा और आम जनता एक बार फिर सड़कों पर उतरकर प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मजबूर होगी।
'एक तानाशाह को हटाया, अब नए तानाशाह से लड़ेंगे': नाहिद का सीधा वार
जुलाई जनक्रांति के प्रमुख रणनीतिकार नाहिद इस्लाम ने तारिक रहमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि लंदन से वापसी के बाद बीएनपी नेतृत्व ने देश को विकास के रास्ते पर ले जाने के बजाय भ्रष्टाचार, लूटपाट और वसूली का नया ढांचा तैयार कर लिया है। उन्होंने जनसभा में दहाड़ते हुए कहा कि हजारों लोगों के खून और बलिदान से जिस निरंकुश शासन का अंत किया गया था, अब उसकी जगह नया एकाधिकार स्थापित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के युवा न तो किसी पुराने तानाशाह को बर्दाश्त करेंगे और न ही किसी नए सत्तावादी निजाम को हावी होने देंगे। नाहिद ने यह भी कहा कि अगर शेख हसीना देश में वापस लौटने की कोशिश करती हैं, तो यह मौजूदा कमजोर सरकार उनका मुकाबला करने में पूरी तरह असमर्थ साबित होगी।
गृह और ऊर्जा मंत्री के विफलता पर इस्तीफे की मांग
ढाका की सड़कों पर गरजे छात्र नेताओं ने देश की मौजूदा बदहाली पर गहरी चिंता जताई। नाहिद इस्लाम ने गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, हर तरफ अपराध और अराजकता का माहौल है। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में बिजली और गैस का गंभीर संकट बना हुआ है, जिससे आम जनता का जीवन बेहाल हो चुका है। नाहिद ने स्पष्ट किया कि इन दोनों मंत्रियों की नाकामी के कारण देश गर्त में जा रहा है और अगर वे खुद पद नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें जबरन हटाने के लिए दूसरा व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
भारत से संबंधों और गंगा जल संधि पर अल्टीमेटम
रैली के दौरान नाहिद इस्लाम ने केवल घरेलू राजनीति ही नहीं, बल्कि विदेशी नीतियों पर भी तीखे बयान दिए। उन्होंने बीएनपी सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश के हितों को ताक पर रखकर भारत के साथ गुप्त गलियारे और अवैध समझौते करने की कोशिश कर रही है। नाहिद ने हुंकार भरते हुए कहा कि बांग्लादेश की जनता किसी भी तरह के अवैध कॉरिडोर को स्वीकार नहीं करेगी। इसके साथ ही उन्होंने दिसंबर में खत्म हो रही ऐतिहासिक गंगा जल बंटवारा संधि का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि अगर बांग्लादेश को उसका वाजिब और न्यायसंगत हक नहीं मिला, तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और जनता दोबारा सड़कों पर उतरकर अपने अधिकार छीनेगी।
स्थानीय चुनाव में धांधली और भविष्य के आंदोलन का रोडमैप
नाहिद इस्लाम ने आगामी स्थानीय निकाय और ढाका सिटी कॉरपोरेशन चुनावों को लेकर भी सरकार को आगाह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय चुनावों में षड्यंत्र रचकर नेशनल सिटीजन पार्टी के प्रमुख प्रत्याशियों को हरवाया गया था। नाहिद ने कहा कि इस बार local चुनाव में किसी भी तरह की चुनावी धांधली या प्रशासनिक हेरफेर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बांग्लादेश के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नाहिद इस्लाम का यह कड़ा रुख देश में एक नए राजनीतिक ध्रुवीकरण को जन्म दे रहा है, जहां तख्तापलट के युवा अगुआ अब सीधे सत्ता में बैठे नेताओं की जवाबदेही तय कर रहे हैं।