हाफिज सईद के बेटे तल्हा ने भारत के खिलाफ उगला जहर, क्या याद नहीं ऑपरेशन सिंदूर की मार?

हाफिज सईद के बेटे तल्हा ने भारत के खिलाफ उगला जहर, क्या याद नहीं ऑपरेशन सिंदूर की मार?

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और खूंखार आतंकवादी हाफिज सईद का बेटा तल्हा सईद एक बार फिर अपनी जहरीली और भड़काऊ बयानबाजी के चलते सुर्खियों में आ गया है। वैश्विक मंचों पर लगातार बेनकाब हो चुके पाकिस्तान के इन आतंकी आकाओं की फितरत में कोई बदलाव नहीं आया है, और तल्हा सईद का ताजा बयान इस बात का पुख्ता सबूत है कि पाकिस्तान की सरजमीं पर पलने वाले आतंकी संगठन आज भी भारत के खिलाफ नापाक साजिशें रचने और जहर उगलने से बाज नहीं आ रहे हैं।

तल्हा सईद ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से भारत को खुली चुनौती देते हुए बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिया है, जिसमें उसने अहंकार की भाषा बोलते हुए कहा कि वे लोग शायद यह भूल गए हैं कि दिल्ली किसकी थी। उसका यह बयान न केवल उसकी विकृत मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी और उनके हुक्मरान आज भी भारत के बढ़ते वैश्विक कद, उसकी अटूट अखंडता और उसकी सैन्य ताकत से पूरी तरह खौफजदा हैं, जिसके चलते वे ऐसी गीदड़ भभकियों का सहारा ले रहे हैं।

हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद की नापाक गीदड़ भभकी और इतिहास के पन्नों से जुड़ा सच

भारत की सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में शामिल तल्हा सईद का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब भारत हर मोर्चे पर पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और सक्षम है। इतिहास गवाह है कि जब-जब पाकिस्तान या उसके पाले हुए आतंकवादियों ने भारत की तरफ आंख उठाने की जुर्रत की है, तब-तब उन्हें भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम का सामना करना पड़ा है। तल्हा सईद शायद यह भूल गया है कि भारत अब वह देश नहीं है जो आतंकवाद के आगे झुकेगा, बल्कि यह नया भारत है जो घर में घुसकर हिसाब चुकता करना अच्छी तरह जानता है।

तल्हा सईद के इस बयान के बाद देश भर के सुरक्षा विशेषज्ञों और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। लोग सोशल मीडिया से लेकर हर मंच पर यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या तल्हा सईद और उसके आका ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा की गई उन कड़ी कार्रवाईयों को भूल गए हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को पल भर में धूल में मिला दिया था। भारतीय सेना के शौर्य के आगे हमेशा घुटने टेकने वाले ये आतंकी आज भी अपनी खोई हुई साख को बचाने के लिए ऐसे बयान देकर पाकिस्तान की अवाम को बरगलाने का काम कर रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय पराक्रम की गूंज

भारतीय सैन्य इतिहास और रणनीतिक इतिहास में कई ऐसे अभियानों का जिक्र मिलता है जिन्होंने पाकिस्तान की रीढ़ तोड़कर रख दी है। जब भी कोई आतंकी सरगना भारत की संप्रभुता को चुनौती देने की कोशिश करता है, तो उसे भारतीय सेना के भयंकर प्रकोप का सामना करना पड़ता है। तल्हा सईद की यह बयानबाजी और उसकी गीदड़ भभकियां उस बौखलाहट का परिणाम हैं जो भारत की मजबूत कूटनीतिक और सैन्य रणनीतियों के कारण आतंकवादियों के मन में बैठ चुकी है।

पाकिस्तान की ज़मीन पर बैठकर भारत के खिलाफ साजिशें रचना अब इन आतंकियों के लिए आसान नहीं रह गया है, क्योंकि दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ बने कड़े माहौल के बाद पाकिस्तान खुद अपने पाले हुए सांपों से घबराता है। इसके बावजूद, हाफिज सईद जैसे आतंकियों के बेटे का इस तरह खुलेआम जहर उगलना यह बताता है कि पाकिस्तान की सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई अभी भी इन आतंकियों को संरक्षण दे रही है और उन्हें भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की अपनी पुरानी रणनीति पर काम कर रही है।

क्या भारत की अटूट ताकत को भूल बैठा है पाकिस्तान?

भारत ने हमेशा शांति और भाईचारे का संदेश दिया है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता किया जाएगा। तल्हा सईद जैसे आतंकी तत्व अपनी रोटियां सेकने के लिए इस तरह के भड़काऊ बयान देते रहते हैं ताकि उनके आका उन्हें फंड देना जारी रखें और उनकी आतंकी दुकानें चलती रहें। लेकिन उन्हें यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि उनकी हर एक साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया जाता है।

भारतीय सुरक्षा बलों ने समय-समय पर यह साबित कर दिया है कि वे देश की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने को तैयार हैं और किसी भी दुश्मन को उसकी औकात दिखाने का माद्दा रखते हैं। तल्हा सईद की यह धमकी केवल एक खोखला दावा है, जिसका जमीन पर कोई वजूद नहीं है। भारत की जनता और उसकी सेना इन बयानों से डरने वाली नहीं है, बल्कि इनसे हमारा संकल्प और अधिक मजबूत होता है कि आतंकवाद का पूरी तरह से सफाया किया जाए।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति

भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ जो जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, उसने दुनिया भर में एक मिसाल कायम की है। उरी और बालाकोट जैसी कार्रवाइयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब चुप बैठने वाला देश नहीं है, बल्कि वह अपनी रक्षा के लिए दुश्मन के घर में घुसकर जवाब देना जानता है। तल्हा सईद और उसके जैसे तमाम आतंकी आज इसी खौफ के साए में जी रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि भारत की निगाहें उनके हर कदम पर टिकी हुई हैं।

पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली और वहां की अवाम की त्रस्त हालत से ध्यान भटकाने के लिए अक्सर वहां के आतंकी इस तरह के भारत-विरोधी बयान जारी करते हैं ताकि देश की जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सके। लेकिन तल्हा सईद को यह याद रखना चाहिए कि इस तरह की बयानबाजी से न तो भारत का कुछ बिगड़ने वाला है और न ही आतंकवाद के खासे में कोई कमी आने वाली है। भारत अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर नापाक साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।