'मन की बात' प्रदर्शनी के दौरान उठी पीएम नरेंद्र मोदी को भारत रत्न देने की मांग

'मन की बात' प्रदर्शनी के दौरान उठी पीएम नरेंद्र मोदी को भारत रत्न देने की मांग

राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान देश की राजनीति का एक बेहद दिलचस्प और बड़ा कूटनीतिक दृश्य देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' पर आधारित एक विशेष चित्र प्रदर्शनी के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव रख दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के उपराज्यपाल की सीधी मौजूदगी में सांसद ने बेहद पुरजोर तरीके से यह मांग उठाई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के प्रति उनकी निस्वार्थ, अनवरत और असाधारण सेवाओं के लिए 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जाना चाहिए। सांसद ने मंच से अपनी बात रखते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को देश के इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया था, ठीक उसी तरह पिछले 25 वर्षों से जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में समर्पित पीएम मोदी भी इस सर्वोच्च सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं।

'Gen Z भी मानती है पीएम मोदी को असली हकदार': बीजेपी सांसद का बड़ा दावा

सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपनी इस मांग के पीछे देश की नई पीढ़ी यानी 'Gen Z' (जेन जी) और युवाओं के रुझान का भी विशेष हवाला दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज देश की युवा पीढ़ी, तकनीक से जुड़ी युवा आबादी और Gen Z पीएम मोदी के विजन और दूरदर्शिता की मुरीद है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी भी गृह मंत्री अमित शाह और केंद्र सरकार से यही चाहती है कि पीएम मोदी के ऐतिहासिक योगदान को पहचानते हुए उन्हें भारत का सबसे बड़ा सम्मान दिया जाए। साहनी ने कहा कि जी20 (G20), ब्रिक्स (BRICS) और वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर भारत का परचम लहराने और देश को आर्थिक तथा सामरिक रूप से शीर्ष पर पहुंचाने वाले दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही आज का युवा भारत प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे बड़ा रोल मॉडल और 'भारत रत्न' का असली हकदार मानता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व

नई दिल्ली में आयोजित इस भव्य प्रदर्शनी के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'मन की बात' कार्यक्रम की राष्ट्रीय भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला। शाह ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो शो नहीं है, बल्कि यह जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का एक जीवंत और ऐतिहासिक उदाहरण बन चुका है। स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, खादी का प्रचार और जल संरक्षण जैसे अभियानों को जन आंदोलन बनाने में पीएम मोदी के इस संवाद ने अभूतपूर्व भूमिका निभाई है। हालांकि, कार्यक्रम के सबसे प्रमुख आकर्षण का केंद्र सांसद साहनी द्वारा अचानक उठाई गई 'भारत रत्न' की मांग रही। गृह मंत्री की मौजूदगी में हुई इस घोषणा ने सियासी गलियारों और मीडिया स्पेस में नई चर्चा को जन्म दे दिया है, जहां बीजेपी के नेता और समर्थक इस प्रस्ताव का पुरजोर स्वागत कर रहे हैं।

25 वर्षों की जनसेवा और वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता कद

उल्लेखनीय है कि सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी, जो हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक करियर का जिक्र करते हुए उनके 25 वर्षों के बेदाग और समर्पित ट्रैक रिकॉर्ड को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दिए गए योगदान से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प तक, पीएम मोदी का पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा है। ऐसे में देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से उन्हें सम्मानित करना न केवल उनके नेतृत्व का सम्मान होगा, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों और विशेष रूप से देश के युवाओं (Gen Z) की भावनाओं का भी आदर होगा।