लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य साजिशकर्ता पर कसेगा खाकी का शिकंजा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को दहला देने वाले सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने अपनी तफ्तीश और कानूनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। तीन निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या से पूरे इलाके में फैली सनसनी के बाद अब लखनऊ पुलिस इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर लेने की पुरजोर तैयारी में जुट गई है। अदालत में रिमांड की अर्जी दाखिल कर पुलिस मुख्य साजिशकर्ता से कड़ाई से पूछताछ करना चाहती है, ताकि हत्याकांड के पीछे के असली मकसद, इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों की बरामदगी और साजिश की पूरी कड़ी का पर्दाफाश किया जा सके। राजधानी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस जघन्य वारदात में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कस्टडी रिमांड के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस: मुख्य आरोपी की रिमांड से खुलेंगे कई अनसुलझे राज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्याकांड का मुख्य आरोपी शुरुआती पूछताछ में लगातार अपने बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि विवेचना अधिकारी (IO) कोर्ट से कम से कम 7 से 14 दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगने की तैयारी कर रहे हैं। रिमांड मिलने के बाद पुलिस आरोपी को क्राइम सीन पर ले जाकर 'सीन रीक्रिएशन' कराएगी और वारदात में इस्तेमाल किए गए असलहे, मोबाइल फोन तथा अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल व फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाएगी। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि इस ट्रिपल मर्डर के पीछे पुरानी रंजिश, संपत्ति विवाद या किसी बड़े आपराधिक सिंडिकेट की सांठगांठ हो सकती है। रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी का आमना-सामना पहले से गिरफ्तार अन्य मददगारों से भी कराया जाएगा ताकि हत्या की इस पूरी खौफनाक साजिश की परतें खोली जा सकें।
पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और सर्विलांस टीम की 5 से अधिक टीमें कर रहीं ताबड़तोड़ दबिश
जहां एक तरफ मुख्य आरोपी को रिमांड पर लेने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी तरफ इस हत्याकांड में शामिल दो अन्य मुख्य शूटर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। फरार चल रहे इन दोनों शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की सर्विलांस, एसओजी (SOG) और स्वात (SWAT) टीमों के साथ-साथ पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और पड़ोसी जिलों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और इलाके के सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उन पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय निवासियों में भारी रोष और पुलिस प्रशासन का इलाके में सख्त कड़ा पहरा
राजधानी लखनऊ में एक साथ तीन लोगों की दिनदहाड़े या निर्मम तरीके से हुई इस हत्या के बाद से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा यानी फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इलाके में किसी भी संभावित तनाव, विरोध प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने भारी संख्या में पीएसी (PAC) और पुलिस बल की तैनाती कर रखी है। उच्च पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस त्वरित कानूनी कार्रवाई (Fast-track Trial) के जरिए इस मामले में अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाएगी ताकि समाज में कानून का डर कायम रहे और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।