करवा चौथ का पवित्र व्रत और चंद्र दर्शन का महत्व

करवा चौथ का पवित्र व्रत और चंद्र दर्शन का महत्व

सनातन परंपरा में पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ का पावन व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास और पवित्र महत्व रखता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को निर्जला रखा जाने वाला यह व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह अटूट विश्वास, समर्पण और प्रेम का महासद्भाव है। अलसुबह सरगी खाकर शुरू होने वाला यह निर्जला व्रत शाम को चंद्रदेव के दर्शन, अर्घ्य और पति के हाथों जल ग्रहण करने के बाद ही संपन्न होता है। ऐसे में व्रत रखने वाली हर सुहागिन महिला को शाम होते ही सबसे अधिक इंतजार केवल एक ही चीज का होता है—'चांद निकलने का समय'। पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार इस बार करवा चौथ का यह महापर्व बेहद शुभ योगों में मनाया जा रहा है।

करवा चौथ 2026 पर सबसे पहले कहां दिखाई देगा चांद?

भौगोलिक स्थिति और खगोलीय दिशा के कारण भारत के पूर्वी हिस्सों में चंद्रोदय सबसे पहले होता है। यदि संपूर्ण भारत की बात की जाए तो करवा चौथ के दिन पूर्वोत्तर राज्यों (नॉर्थ-ईस्ट) के बाद देश के प्रमुख महानगरों में सबसे पहले पूर्व में स्थित कोलकाता और बिहार के शहरों में चंद्रदेव के दर्शन होंगे। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शाम लगभग 7:47 बजे चांद सबसे पहले दिखाई देगा, जबकि बिहार की राजधानी पटना में शाम करीब 7:52 बजे चंद्रदर्शन हो सकेंगे। इसके विपरीत, भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे गुजरात और महाराष्ट्र के शहरों (अहमदाबाद, मुंबई, पुणे) में चांद सबसे देर में चमकेगा।

दिल्ली, लखनऊ, नोएडा और प्रमुख शहरों में चांद निकलने की सटीक टाइमिंग

अलग-अलग शहरों के अक्षांश और देशांतर के आधार पर चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर देखने को मिलता है। देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का संभावित और पंचांग अनुसार समय इस प्रकार है:

  • दिल्ली (New Delhi): रात 8:17 बजे

  • नोएडा व गाजियाबाद: रात 8:16 बजे

  • गुरुग्राम: रात 8:18 बजे

  • लखनऊ (Uttar Pradesh): रात 8:06 बजे

  • कानपुर: रात 8:08 बजे

  • वाराणसी: रात 7:58 बजे

  • प्रयागराज: रात 8:01 बजे

  • जयपुर (Rajasthan): रात 8:28 बजे

  • चंडीगढ़: रात 8:12 बजे

  • कोलकाता: रात 7:47 बजे

  • पटना: रात 7:52 बजे

  • भोपाल: रात 8:31 बजे

  • इंदौर: रात 8:39 बजे

  • मुंबई: रात 9:00 बजे

  • अहमदाबाद: रात 8:52 बजे

  • बेंगलुरु: रात 8:55 बजे

पूजा मुहूर्त और चंद्र अर्घ्य देने की सही विधि

करवा चौथ की शाम को करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार शाम 5:38 बजे से लेकर 6:56 बजे के बीच पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा। पूजा के बाद चंद्रमा निकलने पर छलनी से चांद और उसके बाद अपने पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद तांबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत और कच्चा दूध मिलाकर चंद्रदेव को 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र के साथ अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य देने के बाद पति के हाथों से जल पीकर और मिठाई खाकर व्रत को पूर्ण किया जाता है। मौसम संबंधी कारकों या धुंध के कारण प्रत्यक्ष रूप से चांद दिखने में 10 से 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी लग सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें।