‘वो जिसे टिकट दें, उसे ही वोट’, सपा MLC के बयान ने यूपी की सियासत गरमा दी

‘वो जिसे टिकट दें, उसे ही वोट’, सपा MLC के बयान ने यूपी की सियासत गरमा दी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और सियासी दल जातीय व सामाजिक समीकरण साधने में जुट गए हैं। इसी बीच आजमगढ़ में आयोजित समाजवादी पार्टी के शिक्षक सम्मेलन से एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है।

मंच से शिक्षकों को संबोधित करते हुए सपा के शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति वफादारी की अपील करते हुए अप्रत्याशित टिप्पणी करते दिख रहे हैं।

नेहरू हॉल में शिक्षकों के बीच दिया विवादित बयान

आजमगढ़ के नेहरू हॉल में आयोजित शिक्षक संवाद कार्यक्रम के दौरान लाल बिहारी यादव ने कार्यकर्ताओं और शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील की। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में घंटी भी बांध दें, तो हम सभी को उसी को वोट देना है। एमएलसी का यह विवादित वीडियो सामने आते ही प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और विपक्ष समेत आम जनता भी इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे रही है।

सांसद धर्मेंद्र यादव की मौजूदगी में बनी चुनावी रणनीति

यह शिक्षक सम्मेलन आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 और शिक्षक एमएलसी चुनावों की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से बुलाया गया था। कार्यक्रम में सपा के वरिष्ठ सांसद धर्मेंद्र यादव सहित पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक शामिल थे। बैठक का मुख्य एजेंडा शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा करना और आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटाना था, लेकिन एमएलसी के बिगड़े बोल ने पूरी महफिल का ध्यान भटका दिया।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को साधने की सपा की कवायद

यूपी चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए भाजपा, सपा और बसपा जैसे प्रमुख दल लगातार अलग-अलग वर्गों के साथ संवाद अभियान चला रहे हैं। आजमगढ़ का यह कार्यक्रम भी प्रबुद्ध और शिक्षक वर्ग के बीच पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा था। हालांकि, लाल बिहारी यादव के इस वायरल वीडियो के बाद समाजवादी पार्टी को विरोधी दलों के तीखे हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अभी तक इस विवादित टिप्पणी पर एमएलसी या पार्टी की तरफ से कोई औपचारिक सफाई नहीं आई है।