दिल्ली से हरिद्वार की दूरी होगी आधी, गडकरी के इस मेगा प्रोजेक्ट से बदल जाएगी तस्वीर

दिल्ली से हरिद्वार की दूरी होगी आधी, गडकरी के इस मेगा प्रोजेक्ट से बदल जाएगी तस्वीर

देश की राजधानी दिल्ली से धार्मिक नगरी हरिद्वार और उत्तराखंड की यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक आधिकारिक और बहुप्रतीक्षित ऐलान करते हुए यह जानकारी दी है कि दिल्ली से हरिद्वार का सफर अब केवल डेढ़ घंटे में पूरा हो जाएगा। जी हां, आप बिल्कुल सही सुन रहे हैं, उत्तर भारत के दो प्रमुख शहरों के बीच यात्रा के समय में आने वाली यह भारी कमी देश के सबसे आधुनिक और महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के जरिए संभव होने जा रही है। पिछले काफी समय से इस रूट पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी की यात्रा से परेशान आम जनता के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में इस प्रोजेक्ट को देश के विकास का एक नया मील का पत्थर बताया है।

दो महीने के भीतर पूरा हो जाएगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि इस मेगा एक्सप्रेसवे का बचा हुआ निर्माण कार्य महज अगले दो महीनों के भीतर पूरी तरह से पूरा कर लिया जाएगा। इंजीनियरों और निर्माण कंपनियों की टीमें दिन-रात इस प्रोजेक्ट को युद्ध स्तर पर पूरा करने में जुटी हुई हैं। एक्सप्रेसवे के आखिरी चरणों का फिनिशिंग वर्क, साइनबोर्ड्स लगाने और सुरक्षा से जुड़े मानकों की जांच का काम अंतिम दौर में चल रहा है। सरकार का यह प्रयास है कि तय समय सीमा से पहले ही इस शानदार मार्ग को आम जनता और यात्रियों के आवागमन के लिए खोल दिया जाए। इस सड़क नेटवर्क के शुरू होने से न केवल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच की दूरियां कम होंगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी जबरदस्त गति मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

आधुनिक तकनीक और ट्रैफिक जाम से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति

इस नए एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह से आधुनिक इंजीनियरिंग और स्मार्ट हाईवे तकनीक के आधार पर तैयार किया गया है। अभी तक दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों को मेरठ, मुजफ्फरनगर और रुड़की के रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम और घंटों की देरी का सामना करना पड़ता था, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बर्बादी होती थी। लेकिन इस नए और उन्नत एक्सप्रेसवे के शुरू हो जाने के बाद गाड़ियां बिना किसी बाधा के सरपट दौड़ सकेंगी। इस मार्ग पर आधुनिक लाइटिंग, हाई-स्पीड सीसीटीवी कैमरे, एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक विश्राम स्थल (Wayside Amenities) भी बनाए गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने यह सुनिश्चित किया है कि सफर न सिर्फ तेज हो, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदायक भी हो।

चार धाम यात्रा करने वाले यात्रियों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा तगड़ा बूस्ट

दिल्ली से हरिद्वार की दूरी मात्र डेढ़ घंटे में सिमट जाने का सीधा और सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड की पूरी अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से चार धाम यात्रा पर पड़ने वाला है। हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री दिल्ली से उत्तराखंड का रुख करते हैं। यात्रा के शुरुआती चरण में ही घंटों जाम में फंसने से बचने के कारण श्रद्धालुओं का समय बचेगा और वे कम थकान के साथ अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानीय व्यापारिक समुदाय, होटल मालिकों और ट्रांसपोर्टर्स को भी इस एक्सप्रेसवे से भारी मुनाफा मिलने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि बुनियादी ढांचे के इस शानदार विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ पर्वतीय राज्यों का संपर्क और अधिक मजबूत होगा।