हज यात्रियों के लिए कड़ी चेतावनी: सऊदी अरब में भीख मांगने या नियम तोड़े तो खैर नहीं, पाक दूतावास ने जारी किया AI वीडियो
सऊदी अरब जाने वाले पाकिस्तानी हज और उमराह यात्रियों के लिए वहां के पाकिस्तानी दूतावास ने एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक एआई-जनरेटेड वीडियो के जरिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सऊदी अरब की धरती पर किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों जैसे भीख मांगने, जेब काटने या अवैध रूप से पैसे वसूलने जैसी हरकतों से दूर रहें।
दूतावास ने स्पष्ट किया है कि मक्का और मदीना के पवित्र स्थलों पर भीख मांगने या अनधिकृत रूप से धन जुटाने के मामलों में सऊदी सरकार की नीति 'ज़ीरो-टॉलरेंस' यानी पूरी तरह सख्ती की है। इसके साथ ही यात्रियों को स्थानीय नियमों और वीजा नीतियों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
सऊदी अरब के उमराह वीजा और नए नियमों की मुख्य बातें
सऊदी प्रशासन ने हाल ही में जुलाई महीने में लागू किए गए एक वर्षीय बहु-प्रवेश (मल्टीपल-एंट्री) उमराह वीजा के नियमों में संशोधन किया है। नए प्रावधान के मुताबिक, तीर्थयात्रियों को अब प्रत्येक यात्रा के लिए एक अप्रूव्ड सर्विस पैकेज बुक करना अनिवार्य होगा। यह वीजा जारी होने की तारीख से पूरे 365 दिनों के लिए वैध रहता है, जिसमें तीर्थयात्री कुल 90 दिनों तक वहां निवास कर सकते हैं। सऊदी अधिकारियों का यह कदम यात्रा को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की कागजी या प्रशासनिक असुविधा से बचा जा सके।
क्या है नुसुक उमराह कार्ड और इसके फायदे?
सऊदी सरकार द्वारा शुरू किया गया 'नुसुक उमराह कार्ड' एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जिसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया है। यह कार्ड अवैध रूप से बिना परमिट के घुसने वाले यात्रियों पर रोक लगाता है और यात्रा मार्ग को सुगम बनाता है। इसके जरिए यात्रियों को बस और शटल जैसी परिवहन सेवाओं तक त्वरित पहुंच मिलती है, जिससे भीड़ प्रबंधन में भी प्रशासन को बड़ी मदद मिलती है। इसके अलावा, यह कार्ड डिजिटल पहचान पत्र के रूप में काम करता है, जिससे यात्रियों की व्यक्तिगत जानकारी, पता और हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं और आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल पाती है।