अमेरिका में RSS की नई रणनीतिक एंट्री और FARA के तहत रजिस्ट्रेशन
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के वैचारिक और सांस्कृतिक संगठनों की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्थकों और शुभचिंतकों ने एक नया और औपचारिक ढांचा तैयार किया है, जिसे 'RSS फ्रेंड्स' (RSS Friends) नाम दिया गया है। इस संगठन ने अमेरिका के न्याय विभाग (Department of Justice) में 'फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट' (FARA) के तहत बाकायदा अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इस कानूनी प्रक्रिया के तहत 'RSS फ्रेंड्स' ने आधिकारिक तौर पर भारत स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (नई दिल्ली) को अपना 'फॉरेन प्रिंसिपल' (मुख्य विदेशी संस्था) घोषित किया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि 'RSS फ्रेंड्स' अमेरिका के कानून के दायरे में रहकर खुलकर संघ के विचारों, गतिविधियों और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों का प्रचार-प्रसार कर सकेगा। अमेरिका जैसे वैश्विक महाशक्ति वाले देश में इस तरह का वैधानिक कदम उठाना एक बहुत बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है। अब तक वहां संघ के स्वयंसेवक और समर्थक गैर-लाभकारी या सांस्कृतिक संस्थाओं के जरिए आपस में जुड़े हुए थे, लेकिन इस नए औपचारिक रजिस्ट्रेशन के बाद एक एकीकृत और कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त मंच तैयार हो गया है।
आखिर क्या है 'RSS फ्रेंड्स' और क्या होंगे इसके मुख्य कार्य?
'RSS फ्रेंड्स' मुख्य रूप से अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों, हिंदू-अमेरिकन समुदाय और संघ के समर्थकों का एक समर्पित नेटवर्क है। इस संगठन की स्थापना का प्राथमिक उद्देश्य अमेरिकी धरती पर संघ की नीतियों, इसके शताब्दी वर्ष की यात्रा, इसके सामाजिक कार्यों और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी विचारधारा को सही तरीके से प्रस्तुत करना है। 'RSS फ्रेंड्स' अमेरिका के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सूचनात्मक, शैक्षणिक, जनसंपर्क और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह संगठन थिंक टैंक, नीति निर्माताओं, मीडिया संस्थानों और विश्वविद्यालयों में जाकर संघ और भारत से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक स्पष्टता देने का काम करेगा। कई बार पश्चिमी मीडिया या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संघ को लेकर कई तरह की भ्रामक और एकतरफा धारणाएं फैला दी जाती हैं। 'RSS फ्रेंड्स' ऐसी किसी भी भ्रामक जानकारी का तथ्यों के साथ जवाब देगा और संवाद के जरिए सही छवि का निर्माण करेगा। इसके अलावा, यह संगठन भारतीय प्रवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखने और सामुदायिक भाईचारे को मजबूत करने में भी मुख्य भूमिका निभाएगा।
अमेरिका का 'फॉरेन एजेंट' कानून (FARA) क्या है और यह क्यों जरूरी था?
अमेरिका में विदेशी संस्थाओं या राजनीतिक-सांस्कृतिक संगठनों की ओर से काम करने वाले समूहों को पारदर्शी बनाए रखने के लिए 1938 में 'फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट' (FARA) लागू किया गया था। इस कानून के तहत यदि कोई अमेरिकी संस्था या समूह किसी विदेशी प्रिंसिपल (मुख्य संस्था) के इशारे या उसके पक्ष में जनसंपर्क, वकालत, या सूचना प्रसार करती है, तो उसे अमेरिकी सरकार को अपनी पूरी जानकारी देनी होती है। आम तौर पर 'फॉरेन एजेंट' शब्द से लोगों को जासूसी जैसी गलतफहमी हो जाती है, लेकिन अमेरिकी कानून में इसका मतलब सिर्फ एक कानूनी और पारदर्शी रिश्ता होता है। 'RSS फ्रेंड्स' ने FARA के तहत खुद को पंजीकृत करवाकर यह साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के सभी नियमों का पालन करते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेगा। FARA में दर्ज दस्तावेजों के अनुसार, यह संगठन सार्वजनिक कार्यक्रमों, पत्र-पत्रिकाओं, मीडिया चर्चाओं और डिजिटल अभियानों के जरिए संघ के वैश्विक दृष्टिकोण को अमेरिका में प्रसारित करने की अनुमति प्राप्त कर चुका है। इससे संघ के समर्थन में किए जाने वाले कार्यों को कानूनी सुरक्षा और आधिकारिक मान्यता मिल जाती है।
ग्लोबल मीडिया और वेस्टर्न थिंक टैंक में संघ की छवि सुधारने की रणनीति
पश्चिम के कई बड़े मीडिया हाउस, विश्वविद्यालय और राजनीतिक विश्लेषक अक्सर भारतीय राजनीति और संगठनों को अपने नजरिए से देखते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के पड़ाव पर, संघ अब अपनी वैश्विक पहुंच को अधिक प्रामाणिक और संवाद-आधारित बनाना चाहता है। 'RSS फ्रेंड्स' का मुख्य काम अमेरिकी विचारकों, सांसदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच जाकर संघ के सामाजिक सेवा कार्यों, जैसे आपदा राहत, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की जानकारी देना होगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत की हालिया अमेरिका यात्राओं और 'यूनिवर्सल वननेस' (वसुधैव कुटुंबकम) जैसे आयोजनों में भी इस बात पर जोर दिया गया था कि संवाद ही गलतफहमियों को दूर करने का सबसे बेहतर रास्ता है। 'RSS फ्रेंड्स' इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी नीति-निर्माताओं के साथ नियमित बैठकें आयोजित करेगा ताकि वैश्विक स्तर पर उठने वाले सवालों का सीधा और आधिकारिक जवाब दिया जा सके।
हिंदू-अमेरिकन कम्युनिटी और भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या होगा असर?
अमेरिका में भारतीय मूल का समुदाय आर्थिक और राजनीतिक रूप से बहुत मजबूत स्थिति में है। 'RSS फ्रेंड्स' के अस्तित्व में आने से वहां रह रहे लाखों हिंदू-अमेरिकन लोगों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मूल्यों को खुलकर सामने रखने का एक नया मंच मिला है। यह कदम केवल संघ के प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और अमेरिका के बीच जनता से जनता (People-to-People) के संबंधों को भी नई मजबूती देगा। जब दो देशों के नागरिक और सांस्कृतिक संगठन आपस में पारदर्शी संवाद करते हैं, तो कूटनीतिक रिश्ते भी अधिक प्रगाढ़ होते हैं। 'RSS फ्रेंड्स' अमेरिका में रहने वाली नई पीढ़ी के भारतीय-अमेरिकी युवाओं को उनकी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने, भारतीय मूल्यों को समझाने और वैश्विक नागरिक के रूप में उनकी भूमिका को निखारने का भी काम करेगा। कुल मिलाकर, FARA के तहत यह रजिस्ट्रेशन संघ के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और उसकी वैश्विक छवि को नया आकार देने वाला एक बड़ा कूटनीतिक कदम साबित होने जा रहा है।